10 सड़क और नाला निर्माण की होगी जांच
बस्ती।
नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अशोक कुमार गुप्त घिरते जा रहे हैं। पालिका अध्यक्ष के पांच साल के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्यों की जांच की लाइन लग गई है। अब 10 सड़क और नाला निर्माण के जांच के आदेश भी दिए गए।
पार्टी के ही जिलाध्यक्ष पवन कसौधन के पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष पर हमले के बाद सांसद हरीश द्विवेदी भी भ्रष्टाचार को लेकर आक्रामक हो गए हैं। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर सांसद ने एक और शिकायत की है। इसमें सीएम से 10 सड़क और नाला निर्माण की गुणवत्ता की जांच राज्य स्तरीय टीएसी टीम से कराने की मांग की है। सांसद की मानें तो नगरपालिका में पिछले पांच साल के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अन्य के जरिए करोड़ों रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग होने की जानकारी उन्हें दी गई है। सरकारी का धन की वापसी और दोषी ठेकेदार, अधिकारियों और कर्मचारियों को दंड मिल सके इसके लिए उन्हें आगे आना पड़ रहा है। जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को लिखना पड़ रहा है। सांसद हरीश ने मुख्यमंत्री से केंद्र पोषित योजना यूआईडीएसएसएमटी एवं राज्य सरकार की नया सबेरा योजना में नगरीय सड़क सुधार, अन्त्येष्टि स्थल निर्माण एवं कांजी हाउस निर्माण में पालिका को दिए गए अनुदान से कराए गए निर्माण कार्यों की जांच राज्य स्तर की टीएसी टीम से कराने की अपील की गई है। इस पर सीएम के विशेष सचिव शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने प्रमुख सचिव नगर विकास को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लिखा है। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि शासन का पत्र मिल गया है, और इसकी तकनीकी जांच कराने के लिए टीम गठित कर दी गई है।
इन निर्माण कार्यों की होगी जांच
सांसद की शिकायत पर जिन सड़कों और नाला निर्माण के गुणवत्ता की जांच के लिए टीम गठित की गई है, उनमें दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन रोड व नाला निर्माण, पं. जवाहरलाल की प्रतिमा से सुभाषचंद्र चौक तक सड़क व इंटरलॉकिंग पटरी एवं नाला निर्माण, पचपेड़िया रोड का निर्माण, कटरा मूड़घाट रोड का निर्माण, अमहट घाट पर अन्त्येष्टि स्थल का निर्माण, अमहट घाट के सुंदरीकरण का कार्य, कटेश्वरपार्क का सुंदरीकरण, सरजू नहर से कोतवाली तक नाला निर्माण और काली मंदिर से सुर्ती हट्टा आरसीसी रोड का निर्माण शामिल है।