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हाईकोर्ट का आदेश दर किनार, अवैध कब्जा बरकरार

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आदेश दरकिनार, अवैध कब्जा बरकरार
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कुदरहा।
सूबे में ग्राम पंचायत की जमीन को अवैध कब्जे से बचाने के लिए योगी सरकार चाहे जितना कसरत कर ले लेकिन बस्ती सदर तहसील में जिम्मेदार टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।
कमोवेश सभी गांवों में ग्राम समाज की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा है। जिन्हें खाली कराने की योजना खटाई में है। यही नहीं जिन मामलों में हाईकोर्ट एवं एसडीएम ने कब्जा हटाने का आदेश दे रखा है उसमें भी महीनों से टालमटोल का खेल जारी है। ग्राम पंचायत की खतौनी में दर्ज खलिहान, वनभूमि, घूर गड्ढ़ा, तालाब, नाला, चकरोड आदि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर हो रहे ताबड़तोड़ अवैध कब्जे की शिकायतों को उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुए इन्हें खाली कराने का निर्देश दे रखा है। बावजूद इसके राजस्व विभाग गलत रिपोर्ट के सहारे मामले को टरका रहा है। इधर, योगी सरकार ने जब ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए सख्त निर्देश दिए तो लगा कि सार्वजनिक हित की जमीन से कब्जा अब हट जायेगा। लेकिन राजस्व विभाग की चाल जस की तस बनी हुई है। आलम यह है कि जिन कब्जों की शिकायत लंबित है। उन पर विभाग के जिम्मेदारों की चुप्पी बरकरार है।
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वाकया एक
गायघाट के पास सिकन्दरपुर ग्राम पंचायत के बंजर गाटा संख्या 304 से एक नौ फीट चौड़ा रास्ता 50 वर्षों से होकर गुजरता है, जिस पर दीवार और टीन शेड रखकर गांव के ही एक परिवार ने मार्च 17 में अवैध कब्जा कर लिया। इससे आठ परिवारों का आम रास्ता बंद हो गया और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इन परिवारों को खेत के मेड़ों से आना-जाना पड़ रहा है। इससे गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्राम प्रधान राजपति की शिकायत पर जांच हुई, एसडीएम ने 27 मार्च को ही कब्जा हटवाने के लिए क्षेत्रीय कानूनगो और थानेदार को निर्देश दे दिया है। चार महीने होने को हैं कब्जा अब तक नहीं हट सका।
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वाकया दो
कुदरहा के पास विशुनपुरा राजस्व गांव के अभिलेख में गाटा संख्या 58 गड़ही दर्ज है। इसी पर अवैध कब्जे को लेकर पट्टीदारों में विवाद छिड़ा तो रमेश तिवारी पैमाइश के लिए पहले मामला तहसील दिवस, उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी के पास ले गए लेकिन किसी ने रुचि नहीं ली। फिर मामला उच्च न्यायालय पहुंचा तो वहां से दो माह में तालाब से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश मिला। कब्जा हटाना तो दूर ग्राम पंचायत ने भी उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर उसी गड्ढे में सोलिंग लगाकर कर अवैध कब्जा कर लिया । इसकी शिकायत लंबित है। करीब दो माह की मियाद पूरी होने को है और अवैध कब्जा बरकरार है।
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