बस्ती। बच्चों के प्रोफाइल और रिपोर्ट कार्ड की छपाई से लेकर सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्ति सहित अमान्य शिक्षा मित्रों के वेतन देने के लगभग 70 ऐसी पत्रावलियां हैं, जो कार्यालय से गायब हैं। इसमें सबसे अधिक एडेड स्कूलों में नई नियुक्ति की 40 फाइलें हैं। इतनी भारी संख्या में पत्रावली गायब होने से विभाग में हलचल मचा हुआ है, पटल सहायकों पर गाज गिरने का डर सता रहा है। जिन पत्रावलियों के गायब होने की बात पटल सहायकों ने लिखकर दी है, उनमें अधिकतर अनियमित रूप से भारी गोलमाल करने की बातें सामने आ रही है। पटल सहायकों ने अपने बचाव में कहा है कि पूर्व बीएसए ने पत्रावली ही वापस नहीं की, सारी पत्रावलियां अपने साथ ले गए। गायब होने वाली पत्रावलियों में 32 लाख रुपये की प्रोफाइल और रिपोर्ट कार्ड की छपाई का मामला शामिल है, जिसकी जांच एडी बेसिक डॉ. एसपी त्रिपाठी कर रहे हैं। पत्रावलियों के गायब होने की जानकारी एडी बेसिक के जरिए निदेशक को भी दी गई है। पूर्व बीएसए के तबादले के बाद सबसे अधिक चिंता उन पटल सहायकों को होने लगी, जिनके पटल से पत्रावलियां गायब हैं। सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा मित्र और मान्यता स्कूलों का कार्य देखने वाले पटल सहायकों की नींद हराम हो गई हैं। आनन-फानन ये पटल सहायक नवागत बीएसए को पत्रावलियों के गायब होने की लिखित सूचना देते हुए पत्रावलियों को पूर्व बीएसए से वापस दिलाने की मांग करने लगे। मामला एडी बेसिक से होते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक तक पहुंचा। सबसे बड़ी परेशानी संबंधित पटल सहायकों की हो गई। एक पटल सहायक ने बताया कि पहली बार ऐसा हुआ जब कोई बीएसए कार्रवाई होने के डर से पत्रावली ही लेकर चला गया, बताया कि यह बीएसए की सोची-समझी चाल थी। जब पत्रावली ही नहीं रहेगी तो जांच किस आधार पर होगी। इसी को देखते हुए पूर्व पटल सहायकों को फंसा कर पत्रावलियां अपने साथ ले गए। पूर्व बीएसए के नजदीक रहे एक कर्मी ने बताया कि साहब सरकारी सामान और लैपटॉप भी अपने साथ ले गए हैं। पटल सहायकों ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने जांच कराने की बात कही है।
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छात्रवृत्ति, मिड डे मील की शिकायत पर कार्रवाई
जीजीआईसी में प्रधानाचार्यों की बैठक में बोले डीआईओएस
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
शासकीय, अशासकीय, वित्तविहीन प्रधानाचार्यो की बैठक शनिवार को जीजीआईसी सभागार में हुई। डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्य ने शैक्षिक सत्र 2017,18 के 22 बिंदुओं पर चर्चा करते हुए प्रधानाचार्यों को कार्य करने की हिदायत दी। कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित पाठ्य पुस्तकों से ही अध्ययन कराया जाए। छात्रों से प्रवेश के दौरान निर्धारित शुल्क ही लिया जाए। मध्याह्न भोजन गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए। अगर दोनों मामलों में कहीं शिकायत मिलती है तो उसे विद्यालय के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की संख्या अधिक दिखाकर गोलमाल करने वाले प्रधानाचार्य चिह्नित होंगे। छह से आठ तक नामांकित बच्चों की सही संख्या के अनुसार मिड-डे मील बने। 18 जुलाई से विद्यालयों की नियमित चेंकिग की जाएगी। सभी प्रधानाचार्य सोमवार तक वास्तविक छात्रों की सूची कार्यालय में उपलब्ध करा दें। ताकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 10 से 19 वर्ष तक के लड़के और लड़कियों में खून की कमी, एनीमिया की गोली वितरित की जा सके। इसके लिए जिले में 15 ब्लॉकों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। स्कूलों में शैक्षिक पंचांग के अनुसार पढ़ाई कराई जाए। छात्रों की ऑनलाइन डाटा फीडिंग, कक्षा नौ और 11 का पंजीकरण, कार्यरत अध्यापकों एवं कर्मचारियों की संख्या, इंस्पायर अवार्ड में पंजीकरण कराना, माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराना, भारत सरकार के स्वास्थ्य मिशन योजना का संचालन किया जाए। हर महीने 25 तारीख का वेतन बिल अवश्य जमा करा दें। भू-जल सप्ताह और पौधरोपण सहित 22 बिंदुओं पर चर्चा करते हुए प्रधानाचार्यो को जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर जीआईसी के प्रधानाचार्य शिव बहादुर सिंह, नीलम सिंह, निलोफर उस्मानी, अनिरुद्ध त्रिपाठी, प्रधानाचार्य विजय शंकर सिंह, हरेंद्र प्रताप सिंह, वेदमणि सिंह, राकेश दूबे, हरिशंकर पांडेय, राम सरन चौधरी, सर्यू नरायन उपाध्याय, सुजीत कुमार मिश्र, संदीप श्रीवास्तव, मणिशंकर त्रिपाठी, दिनेश चन्द्र वर्मा, शबनम यादव, पद्मश्री त्रिपाठी, बृजेश पासवान व ओम प्रकाश पांडेय मौजूद रहे।