दो मिनट के विलंब से सैकड़ों अभ्यर्थी हुए परीक्षा से वंचित
बस्ती। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में रविवार को कई केंद्रों पर कुछ मिनट की देरी से सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए। इसके चलते कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए।
टीईटी के लिए जिले में 37 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें पंजीकृत 28,992 में से प्राथमिक स्तर में 17,664 अभ्यर्थी और जूनियर स्तर के लिए 11,328 अभ्यर्थी शामिल हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हुई। ठंड के चलते कई केंद्रों पर परीक्षार्थी विलंब से पहुंचे। ऐसे में केंद्र व्यवस्थापकों ने उन्हें परीक्षा में शामिल कराने से इंकार कर दिया। ऐसे में परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों में जबरदस्त नाराजगी दिखी। उनका कहना हा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने ये परीक्षा रद कर दोबारा इम्तिहान कराने की मांग की।
पहली पाली में परीक्षार्थियों को सुबह 9:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश दिया गया। विलंब से आने वाले अभ्यर्थियों को बाहर ही रोक दिया गया। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से काफी मिन्नतें कीं, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। ऐसे में अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा भी किया। खैर इंटर कॉलेज, सेंट्रल एकेडमी, कपिल गंगा, सरला इंटरनेशनल, जीजीआईसी, महिला महाविद्यालय, श्रीराम पब्लिक स्कूल के गेट के सामने अभ्यर्थियों ने गुस्से का इजहार भी किया। इस दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों व पुलिस से नोकझोंक भी हुई। बावजूद इसके उन्हें बैरंग लौटना ही पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना था कि महज दो मिनट की देरी के चलते उन्हें सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। यह सरासर अन्याय है। खैर इंटर कालेज के केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप रहा एक मिनट लेट पहुंचने के कारण केंद्र के भीतर नहीं जाने दिया गया। कपिल गंगा स्कूल में भी यही हाल रहा। विलंब होने के कारण कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला। जिसे लेकर स्कूल के सामने अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की।
प्रवेश पत्र पर स्पष्ट रूप से लिखा था कि अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के समय से आधा घंटे पहले सेंटर में प्रवेश कर अपना स्थान ग्रहण कर लें। उसके बाद किसी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य निर्देश भी दर्ज थे। परीक्षा के संबंध में जो नियम बनाए गए हैं, उसका पालन कराया गया है।
-डीएस यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक, बस्ती