पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी को न्यायालय ने 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने फैसला सुनाया। दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इसे न अदा करने पर एक साल की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के हर्रैया मिश्र गांव का है। जिला शासकीय अधिवक्ता परिपूर्णानंद पांडेय ने नेतृत्व में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद उपाध्याय ने अदालत को बताया कि घटना आठ जून 2018 की बीती रात की है। मृतका संध्या के पुत्र आनंद कुमार मिश्रा ने थाने में तहरीर दी थी।
उन्होंने बताया था कि उनके पिता आशुतोष मिश्रा ने उनकी माता संध्या को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते थे। उससे तंग आकर उनकी मां ने आत्महत्या कर ली।
घटना से पहले संध्या ने 1090 नंबर पर कॉल करके समस्या बताई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आशुतोष मिश्रा व उनके मित्र पिंटू पर मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के समय पिंटू के विरुद्ध साक्ष्य न मिलने पर उनका नाम पुलिस ने केस से निकाल दिया। विवेचक ने अगस्त में न्यायालय में आशुतोष के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया। अदालत ने 15 गवाहों के बयान मेडिकल परीक्षण के आधार पर फैसला सुनाया।