आला हजरत के 99वें उर्स के मौके पर इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में लगे बुक स्टालों पर दूर दूराज से आए प्रकाशकों ने जायरीन की पसंद को ध्यान में रखकर किताबें सजाई हैं। देश विदेश से आए जायरीन अपनी किताबों के लिए बड़ी संख्या में बुक स्टालों पर पहुंच रहे हैं।
उर्स के मौके पर लगे मेले में हर तरह की दुकानें लगी हैं। इन सब में सबसे बड़ा किताबघर एरिया है। इसमें सौ से ज्यादा दुकानदार किताबें लेकर आए हैं। जायरीन अपनी पसंद की किताबें तलाशने और खरीदने के लिए काफी वक्त दे रहे हैं। फतावाए रजविया, मोहम्मद, राइजिंग ऑफ इस्लाम, नेचर ऑफ मोहम्मद आदि किताबों की डिमांड सबसे ज्यादा है। फतावाए रजविया 12, 22 और 30 खंडों में उपलब्ध है। जायरीन खासतौर से इसकी मांग कर रहे हैं। पीलीभीत जहानाबाद से आए तनवीर रजा कादरी एक स्टाल पर अनवारुल बयान (इस्लाही तकरीरें) की किताब खरीदते मिले। उर्स में यह तीन खंडों में आठ सौ रुपये में उपलब्ध थी। वैसे इसकी असल कीमत 16 सौ रुपये है। तनवीर ने बताया इसकी तकरीरें महफिलों, मदरसों और जलसों में बयान करते हैं।
आला हजरत के फतवों का संकलन है फतावाए रजविया में
फतावाए रजविया में आला हजरत के फतवों का संकलन हैै। इसमें उन खतों को भी शामिल किया गया है, जो आला हजरत ने लोगों के सवालों के जवाब में लिखे हैं। आला हजरत की खासियत थी कि वह लोगों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब उन्हीं की जुबान में देते थे। आने वाले खत उर्दू, हिंदी, संस्कृत, अरबी और फारसी आदि भाषाओं में होते थे। फतावाए रजविया उर्दू में प्रकाशित की गई है।