बरेली। युवाओं में विदेश जाने की ललक बढ़ रही है। ज्यादा संख्या शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जाने वाले युवाओं की है, लेकिन सैलानी भी कम नहीं हैं। पासपोर्ट कार्यालयों में इस बार 50 प्रतिशत से ज्यादा आवेदक बढ़ गए हैं। विदेशों की ओर बढ़े रुझान से ट्रेवलिंग एजेंसियां भी चांदी काट रही हैं।
प्रबंधन कोर्स, कंप्यूटर और अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं की विदेश में नौकरी पाने की रुचि बढ़ती जा रही है। पिछले एक वर्ष में पासपोर्ट आवेदकों की संख्या डेढ़ गुनी तक बढ़ी है। इससे पासपोर्ट कार्यालयों पर कामकाज का दबाव भी बढ़ा है। पासपोर्ट आवेदकों में ज्यादातर युवा हैं। सबसे ज्यादा रोजगार अमेरिका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देशों में मिल रहा है जबकि तकनीकी ज्ञान और मिस्त्रीगिरी करने वाले युवा खाड़ी देशों का रुख कर रहे हैं। हालांकि इरान, इराक, सीरिया, यमन आदि जैसे कुछ खाड़ी देशों में गृह युद्ध जैसी स्थिति होने के कारण रोजगार प्रभावित हुआ है।
इस साल 1.57 लाख आवेदन
पिछले साल 1.11 लाख पासपोर्ट जारी हुए थे जो इस साल बढ़कर 1.57 लाख हो गए हैं। यानी एक वर्ष में डेढ़ गुना पासपोर्ट बढ़ गए हैं। हर दिन औसतन सात सौ से ज्यादा आवेदन पासपोर्ट कार्यालय पर हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि आवेदक अभी और बढ़ेंगे। क्याेंकि युवा सबसे ज्यादा आवेदन कर रहे हैं।
सैर सपाटा भी बढ़ा
सिंगापुर, बैंकाक, हांगकांग, थाईलैंड आदि देशों की अपेक्षा भारत में पर्यटन ज्यादा महंगा है। इन देशों में कम बजट वाले सैलानी खूब जाते हैं। कुछ ज्यादा खर्च करने वाले लोग दुबई, दक्षिणी अफ्रीका, मारीशस, मलेशिया और यूरोप भी जाते हैं। हज यात्री भी बढ़े हैं। इसलिए ट्रेबलिंग एजेंसियाें ने नए-नए पैकेज जारी किए हैं। विदेशों में सैर सपाटा करने वालों की तादाद बढ़ने से भी ट्रैवल एजेंसियां मजे में हैं।