मामले की होगी मजिस्ट्रियल जांच
नदोसी गांव में नहर में गिरकर युवक की मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी। डीएम के इस फैसले ने अब तक मामले से पल्ला झाड़ रहे सिंचाई विभाग के अफसरों की परेशानी बढ़ा दी है। उन पर कार्रवाई हो सकती है। दरअसल, हादसे के बाद सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने जमीन को विभाग का मानने से ही इन्कार कर दिया था। डीएम का कहना है कि मजिस्ट्रियल जांच में सच सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
हादसे को लेकर पहले नगर निगम पर सवाल उठे। तब नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने इसे नहर बताया और जमीन सिंचाई विभाग की होने की बात कही। वहीं, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अजीत कुमार ने कहा कि जमीन उनके विभाग की है ही नहीं। ऐसे में वहां नहर होने का सवाल ही नहीं उठता। दोनों विभागों की यह तकरार डीएम तक पहुंची तो उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए।
क्षेत्रीय पार्षद अंजुल बोलीं-जमीन सिंचाई विभाग की
क्षेत्रीय पार्षद अंजुल ने बताया कि यह जमीन सिंचाई विभाग की है। यहां वर्षों पहले नहर खोदी गई थी, लेकिन पानी आज तक नहीं छोड़ा गया। घरों से निकलने वाला पानी इसमें जाता है। सफाई न होने से कूड़ा-कचरा भरा है। नहर होने के कारण नगर निगम भी इसकी सफाई नहीं कराता।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि युवक की मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। जांच में हकीकत सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।