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बरेली कॉलेज : पढ़ाने को कहा तो गुरु जी बुरा मान गए

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बरेली। पांच विभागाध्यक्षों को प्राचार्य की ओर से यूजीसी के नियमों का हवाला देते हुए रोजाना न्यूनतम पांच घंटे शिक्षण कार्य करने के लिए नोटिस दिए जाने के बाद बरेली कॉलेज के माहौल में नई हलचल शुरू हो गई है। उप प्राचार्य समेत जिन वरिष्ठ शिक्षकों को यह नोटिस दिया गया है, वे कॉलेज में चल रही राजनीति को इसकी वजह करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह इससे भी जाहिर है कि यूजीसी के नियम कॉलेज के सभी शिक्षकों पर लागू होते हैं, लेकिन नोटिस सिर्फ पांच वरिष्ठ शिक्षकों को दिया गया है। अंदरखाने सुगबुगाहट है कि नोटिस जारी कर तीन दिन के अवकाश पर निकले प्राचार्य के बृहस्पतिवार को लौटने के बाद यह मुद्दा कॉलेज का माहौल और गरमा सकता है।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा की ओर से शनिवार को उप प्राचार्य व अंग्रेजी की विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा अनिल, हिंदी के विभागाध्यक्ष डॉ. एसपी मौर्य, इतिहास की डॉ. संध्या मिश्रा, कॉमर्स के डॉ. पीके अग्रवाल और ललितकला की डॉ. मंजू सिंह को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में इन पांचों विभागाध्यक्षों के यूजीसी के मानकों के अनुसार कॉलेज में प्रतिदिन पांच घंटे शिक्षण कार्य न करने और इसकी वजह से कॉलेज में पठन-पाठन का माहौल बाधित होने की बात कही गई थी। विभागाध्यक्षों को सोमवार को यह नोटिस मिला तो इस पर विरोध शुरू हो गया। सोमवार से ही प्राचार्य तीन दिन के अवकाश पर चले गए लिहाजा नोटिस पाने वाले शिक्षक उनके समक्ष विरोध भी दर्ज नहीं करा सके। अब उनके लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
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जिन शिक्षकों को नोटिस दिया गया है, वे प्राचार्य पर कॉलेज की राजनीति में शामिल होने की बात कह रहे हैं। अनाधिकारिक रूप से उनका कहना है कि कॉलेज के तमाम शिक्षक यूजीसी के नियमों के मुताबिक पांच घंटे शिक्षण कार्य नहीं करते, लेकिन नोटिस फिर भी सिर्फ पांच शिक्षकों को दिया गया है। प्राचार्य के अवकाश पर होने के कारण फिलहाल कोई कुछ खुलकर नहीं कह रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को प्राचार्य के छुट्टी से लौटने पर यह विरोध खुलकर सामने आ सकता है। हालांकि कुछ शिक्षक इसे शिक्षण व्यवस्था सुधारने की दिशा में प्राचार्य का बेहतर निर्णय भी बता रहे हैं।
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शिक्षक संघ भी विरोध में
इस मामले को लेकर मंगलवार को शिक्षक संघ ने भी बैठक की। शिक्षक संघ ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और शिक्षकों को बदनाम करने वाला कृत्य करार दिया है। संघ के महामंत्री डॉ. वीपी सिंह ने इस पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि प्राचार्य के छुट्टी से लौटने पर प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा। उनका कहना है कि इससे कॉलेज की छवि धूमिल हुई है।
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