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अपने मन की न करें किसान, विशेषज्ञों की भी मानें

Thu, 18 Feb 2016 12:47 AM IST
बरेली
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 किसान मेले में आए किसानाें को कृषि वैज्ञानिकों ने अपने मन की न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेत में किसी भी प्रकार का रसायन और दवा का छिड़काव करने से पहले कृषि विभाग से जानकारी ले सकते हैं या फिर विशेषज्ञों से पूछ सकते हैं।
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नरियावल मंडी में बुधवार को कृषि संगोष्ठी का अंतिम दिन रहा। पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर से भी किसान मेले में शामिल हुए। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि इस मौसम में गेहूं की बालियों में माहू की काफी शिकायत है। किसान भाई इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कोहरे से लगने वाली माहू अगर ज्यादा हो गई तो 25 फीसदी पैदावार प्रभावित होगी। उन्होंने बताया कि माहू के लिए खेतों की मेड़ों पर ध्यान दें। खासकर उन खेत के किनारे जहां पेड़ या पापलर लगे हो। छांव और कोहरे से माहू लगता है और दानों का वजन कम कर देता है। मेले में किसानों ने बीज व दवाआें की खरीददारी की। स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय बनाने का स्टाल लगाया गया। इस मौके पर डीडीटीपी अशोक तेवतिया, डीडीएएस एसी द्विवेदी, डीएओ आरटी यादव शामिल रहे। संचालन अजय ने किया।
फोटो
- पंतनगर ले जाने के बहाने किसान मेले में पटक दिया
किसान मेले में किसानोें को बहला फुसला कर लाया गया। बुधवार को पीलीभीत के किसान काफी नाराज दिखे। उन्हाेंने बताया कि उन्हें पंतनगर ले जाने के बहाने लाया गया और यहां लाकर पटक दिया। खरीदने के लिए भी वैरायटी मेले में किसानों को नहीं मिली। किसानों ने बताया कि धान की बीज खरीदनी थी, लेकिन मेले में नहीं थी। पंतनगर में काफी कुछ जानने को मिलता, उसी के चक्कर में घर से निकले थे। लेकिन गाड़ी से यहां ले आए। पूरनपुर के माधोटांडा के अशरफ उल्ला, पूरनलाल कश्यप, सुंदरपुर के माखनलाल और माधोटांडा के पृथ्वी पाल ने बताया कि अगर उन्हें पता होता कि यहां लेकर आएंगे तो कभी न आते।
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