वे पहली बार अपने मत का प्रयोग करने आए थे। उत्साह भी था और ललक भी वोटिंग के तरीके को जानने की। वोटिंग करने के बाद अधिकतर के चेहरों पर गजब की मुस्कान थी। जब उनसे पूछा कि वोट करने के बाद कैसा महसूस कर रहे है तो अधिकतर का जवाब था, फील गुड। कुछ ने सरकार और विकास की बात की तो कुछ ने कहा कि अब जान गए कैसे पड़ता है वोट। हालांकि उनकी बातों में विकास, शिक्षा और रोजगार सबसे ऊपर थी।
क्या बोले युवा
-मैं पहली बार वोट डालने आईं हूं। बहुत अच्छा लग रहा है वोट डालकर। उम्मीद है कि जिस प्रत्याशी को वोट दिया है वो युवाओं के हित में काम करेगा। क्षेत्र का विकास करेगा।
-जया, बालजती स्कूल
-वोटिंग को लेकर मन में बहुत उत्सुकता थी। सुबह तैयार हुए और घर वालों के साथ वोट करने आए। वोट करने के बाद काफी अच्छा लग रहा है। अब हम भी सरकार चुनने में अपना योगदान दे सकते हैं।
-गीता बिष्ट, बालजती स्कूल
काफी अच्छा महसूस हो रहा है वोटर बनकर। अब हम भी अपना प्रतिनिधि चुनने का हक रखते हैं। विकास और युवाओं के रोजगार की बात करे। इसी उम्मीद में वोट किया है।
-अब्दुल रहीम, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज
विकास और रोजगार के नाम पर वोट डाला है। प्रदेश में अच्छी सरकार बने और युवाओं के हितों में बेहतर काम हों। क्षेत्र का विकास करे प्रत्याशी।
-इसराइल, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज
-अच्छी सरकार के लिए प्रत्याशी को महत्व दिया है। बरेली के साथ देश का विकास हो इसी को प्राथमिकता दी है। पहली बार वोट करके काफी अच्छा महसूस हो रहा है।
योगिता मॉडल टाउन
-पहली बार वोट डाला है। वोटिंग कैसे होती है इसका तरीका भी जान लिया। ईवीएम मशीन देखी। वोट करते वक्त ज्यादा कुछ सोचा नहीं। जहां घर वालों ने वोट दिया वहीं वोट किया है।
-भावना, सुभाष इंटर कॉलेज आंवला
अच्छा लगा पहली बार वोट डालकर
बरेली। पुराना शहर की तय्यब व सायमा आजाद इंटर कालेज मतदान केंद्र पर अपना पहला वोट डालने आई थी। वो दोनों ही काफी उत्साहित दिखीं। उन्होंने कहा कि अभी तक वोट के बारे में सुनती रहीं। आज जब वोट के लिए घर से निकले तो अंदर से काफी एक्साईटमेंट थी। वोट डाल कर समझा कि कैसे वोट पड़ता है काफी अच्छा लगा।
पक्के दोस्त, एक ने चुना प्रत्याशी दूसरे ने नोटा
बरेली। बरेली इंटर कॉलेज में दो महिला मतदाता ऐसी आईं जो पहली बार वोट कर रहे थीं और दोनों पक्की दोस्त थी, लेकिन दोनों की राय बिल्कुल जुदा थी। भावना वर्मा प्रदेश के लिए अच्छी सरकार चाहती हैं। इसलिए उन्होंने अपने पसंदीदा प्रत्याशी का वोट किया। दूसरी दोस्त कृति राजपूत को राजनीति पर यकीन नहीं। कृति का कहना था कि सभी राजनेता एक ऐसे। विकास की हवा हवाई बातें करते हैं। कृति ने नोटा (नन ऑफ दि ऐबव) का बटन दबाया।