बरेली। उधार दिए आठ लाख रुपये मांगने पर युवक की हत्या करने की दोषी महिला को अपर सत्र न्यायाधीश हरेन्द्र बहादुर सिंह की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
फरीदपुर के मुकुलराज ने 14 मार्च 2017 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके भाई अतुलराज सिह उर्फ पप्पू सिंह भुता के बघौली गांव में रहते थे। कटरा पट्टी गांव के झाले में रहने वाली गुरुप्रीत कौर से उनकी जान-पहचान हो गई थी। गुरुप्रीत फरीदपुर में भूरे खां की गौटिया में मकान बनवा रही थी। इसके लिए उसने अतुलराज से छह लाख रुपये उधार लिए थे। ब्याज मिलाकर उस पर कुल आठ लाख रुपये बकाया हो गए थे। एक साल से अतुलराज अपने रुपये मांग रहे थे।
14 मार्च 2017 को अतुलराज ने भाई को बताया कि गुरुप्रीत ने रुपये देने के लिए भूरे की गौटिया गांव में अपने घर बुलाया है। वह स्कूटी से वहां गए थे। इसके बाद उनका शव भूरे खां गौटिया में गुरुप्रीत के मकान में मिला था। पुलिस को मौके से तमंचा, खोखा, बांका, शराब की टूटी बोतल, खून से सनी चादर आदि मिली थी। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि अतुलराज को पहले गोली मारी गई थी, फिर बांके से काटा गया था।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर गुरुप्रीत को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई थी। गुरुप्रीत का पति काला सिंह मलयेशिया में रहता है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एडीजीसी रीतराम राजपूत ने अदालत में अभियोजन का पक्ष रखा। अदालत ने गुरुप्रीत को हत्या के जुर्म में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
गुरुप्रीत के घर में जहां शव मिला था, वहां पूरा फर्श खून से लथपथ था। जिस बेड पर शव पड़ा था, उसकी चादर खून से सनी हुई थी। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि गोली मारने के बाद महिला ने बांके से 19 वार किए थे। गोली अतुलराज का सीना चीरते हुए पार निकल गई थी। वारदात के समय इस बात की चर्चा भी हुई थी कि अकेले गुरुप्रीत हट्टे-कट्टे अतुलराज को नहीं मार सकती। इसमें कुछ और लोग शामिल हैं, लेकिन पुलिस की विवेचना में किसी अन्य का नाम सामने नहीं आया।