शाहजहांपुर में दहेज के लिए एक युवक ने अपनी पत्नी और पांच साल के बेटे को छप्परदार कमरे में बंदकर बाहर से आग लगा दी। शोर शराबा सुनकर पड़ोसियों ने आकर कमरे की कुंडी खोलकर दोनों को बचाया। झुलसे मां-बेटे को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
तिलहर थाना क्षेत्र के गांव राईखेड़ा का रहने वाला बबलू शराबी है। उसकी शादी 11 साल पहले तिलहर के इसवां गांव की रहने वाली नन्हीं (28) से हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। बबलू आए दिन पत्नी से मारपीट करता रहता है।
वह पत्नी पर मायके से दहेज लाने के लिए भी दबाव डालता था। मंगलवार सुबह करीब छह बजे पति-पत्नी में दहेज मांगने को लेकर झगड़ा हुआ था। पति बबलू ने फोन पर मायके वालों को उल्टा-सीधा कहा और दहेज मांगा। इसके बाद बबलू ने पत्नी और पांच साल के बेटे दीपक को कमरे में बंद कर छप्पर पर आग लगा दी।
आग बढ़कर पड़ोस के मकान पर पहुंची तो ग्रामीण इकट्ठा हो गए। मां-बेटे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। झुलसे मां-बेटे को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।