चेयरमैन और उनके समर्थकों को कॉलेज परिसर में देख मंत्री ने बाहरी व्यक्तियों को कॉलेज में बुलाने का आरोप लगाते हुए प्रबंधन को फटकार लगाई। चेयरमैन को भी नसीहत दे डाली। एक घंटे तक कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों और चेयरमैन के साथ मंत्री ने बंद कमरे में बात की। इसके बाद वह कॉलेज से चले गए। मंत्री के जाने के बाद कार्यकर्ता भी लौट गए। मामले में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमपी सिंह से बात करने का प्रयास किया गया मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
शिक्षिका से अभद्रता का आरोप
आरोप है कि हंगामे के दौरान धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक शिक्षिका से अभद्रता की। उन्हें अपशब्द भी बोले गए। इस संबंध में जब शिक्षिका का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात नहीं की। कॉलेज प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने से भी इनकार कर दिया।
पहले भी छेड़खानी कर चुका है आरोपी
छात्रा के रिश्तेदार युवक ने बताया कि आरोपी काफी समय से छात्रा को परेशान कर रहा है। दो बार वह उसके साथ छेड़खानी कर चुका है। शुक्रवार को वह जबरन छात्रा का हाथ पकड़कर छेड़खानी कर रहा था।
कॉलेज में न आएं बाहरी
कॉलेज पहुंचे कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने परीक्षा के समय बाहरी लोगों के परिसर में प्रवेश पर आपत्ति जताई। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में व्यवस्था बनाने को कहा। कॉलेज के बाहर अराजक तत्वों का जमावड़ा न हो, इसके लिए भी निर्देश दिए।
इंस्पेक्टर ओपी गौतम ने बताया कि हंगामे की सूचना पर कॉलेज गया था। तहरीर मिली है, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। कॉलेज के आसपास अराजक तत्व जमा न हों, इसके लिए गश्त बढ़ाई जाएगी।