गांव वालों की सतर्कता से बर्बाद होने से बची बच्ची की जिंदगी
बिशारतगंज। बाल कल्याण समिति ने 12 साल की बालिका की 40 साल के व्यक्ति से शादी तय करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। समिति ने माता-पिता को उसकी उम्र 18 साल पूरी होने के बाद ही शादी करने की हिदायत दी है। बालिका को उसके पिता से शपथ पत्र लेने के बाद सीडब्ल्यूसी मजिस्ट्रेट डॉ. डीएन शर्मा ने उनके सुपुर्द कर दिया।
इलाके के एक गांव के लोगों की जागरूकता के चलते 12 साल की बच्ची की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई। वुमन हेल्पलाइन पर की गई शिकायत में ग्रामीणों ने रुपये के लालच में बालिका की शादी तीन गुना से भी अधिक उम्र के व्यक्ति से तय करने का आरोप लगाया था। 13 जून को बच्ची की बरेली के सुभाषनगर से बरात आनी थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने बुधवार को बच्ची के पिता को हिरासत में ले लिया था। बृहस्पतिवार को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर छपने के बाद चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम बिशारतगंज थाने पहुंची। टीम ने बालिका के बयान दर्ज किए। टीम के सामने पिता ने अपनी पत्नी पर उसकी मर्जी के बिना शादी करने का आरोप लगाया। टीम लड़की को अपने साथ बरेली ले गई थी। शुक्रवार को उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। प्राइमरी स्कूल के प्रमाण पत्र के अनुसार बालिका की उम्र 12 साल है। समिति ने बालिग होने पर ही उसकी शादी करने की सख्त हिदायत माता-पिता को दी। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद शपथपत्र लेकर बच्ची को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। काउंसलिंग के दौरान चाइल्ड हेल्प लाइन की प्रभारी कुसुम कुमारी, रजनी गंगवार, बिशारतगंज थाने के एसआई सुधीर कुमार मौजूद रहे।