Yogi ji, this is also VIP culture
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सरकारी गाड़ियों से लाल और नीली बत्ती उतरवाकर वीआईपी कल्चर खत्म करके वाहवाही लूटने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा पूरी तरह से अफसरों और नेताओं के बीच रहा। सुरक्षा के इतने कड़े प्रबंध किए गए थे कि फरियादियों की व्यथा तक नहीं सुनी गई। पुलिस ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया। सुरक्षा के बहाने विकास भवन और सर्किट हाउस को छावनी बना दिया गया।
पहली बार बरेली दौरे पर आए मुख्यमंत्री की एक झलक के लिए रास्तों पर घंटों खड़े रहे लोगों के हाथ भी मायूसी लगी। भाजपा के पदाधिकारी भी मुख्यमंत्री तक पहुंच नहीं सके। बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में मुख्यमंत्री बरेली के त्रिशूल एयरबेस पर उतरने के बाद सर्किट हाउस पहुंचे। सर्किट हाउस भी छावनी बना रहा। यहां मीडिया कर्मियों को बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर के ऑफिस तक पहुंचने के लिए कई घंटे संघर्ष करना पड़ा। पुलिस किसी की सुनने को तैयार नहीं थी। जैसे ही योगी का काफिला सर्किट हाउस के पास जाने को हुआ, मीडिया कर्मियों को बिजली दफ्तर में कैद कर दिया। लोगों को उम्मीद थी कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री मंदिर या मलिन बस्ती पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। वीआईपी काफिले के साथ मुख्यमंत्री उड़ान भरने के लिए चले गए।
चुनिंदा भाजपाई ही सर्किट हाउस में पहुंच पाए
मुख्यमंत्री अपराह्न 4.10 बजे सर्किट हाउस पहुंचे। इसके पहले से ही भाजपा महिला मोर्चे की मंत्री ज्योति मिश्रा सर्किट हाउस के गेट पर पहुंच गई थीं। उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। इसी तरह का व्यवहार और भी कई भाजपा नेताओं के साथ भी हुआ।