बरेली। एक साल पहले जीआईएस सर्वे से शुरू हुआ गृहकर का क्लेश खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। टैक्स बिलों पर त्रुटियों की भरमार है। किसी करदाता का नाम गलत दर्ज है तो किसी का पता ही बदल गया है। कुछ बिलों पर करदाता के पिता का नाम ही दर्ज नहीं है। करदाता बिलों को ठीक कराने के लिए नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं।
सुभाषनगर निवासी वीरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बैनामे में उनका मकान सुभाषनगर में दर्शाया गया है। 31 मार्च 2024 के बाद नगर निगम की ओर से जारी टैक्स बिल पर पता सुभाषनगर के बजाय वीर भट्ठी दर्ज है। इसे ठीक कराने के लिए वह एक साल से भटक रहे हैं। पते का सत्यापन नहीं हो पाने की वजह से करदाताओं के दूसरे काम भी अटक रहे हैं।
यह तो महज बानगी है। हकीकत में रोज सैकड़ों लोग इस तरह के मामले लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच रहे हैं। ब्यूरो