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उदीयमान हॉकी खिलाड़ी क्रांति भी छोड़ गई दुनिया

Mon, 16 Jan 2017 12:04 AM IST
बरेली
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मसीत गांव में हैंडपंप सही करते समय हाइटेंशन लाइन से चिपके माता-पिता और बहन को बचाने में झुलसी हॉकी खिलाड़ी क्रांति देवी ने शनिवार को शहर के डीडीपुरम रोड स्थित निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक ही परिवार की चौथी मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया है। क्रांति का शव लेकर परिवार वाले श्मशान भूमि जाने को निकले तो पूरा गांव रो पड़ा।
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इस तरह हुई थीं तीन मौतें
भोजीपुरा इलाके के गांव मसीत मे 12 जनवरी की शाम सवा चार बजे दो मंजिल पर लगे नल की डोलची निकालते वक्त सरिया मकान के समीप से गुजर रही हाइटेंशन लाइन से टकरा गई थी। जिससे चंद्रपाल वहीं चिपक गये। चंद्रपाल को बचाने के चक्कर में पत्नी मीना वहीं चिपक गयीं। माता पिता को बचाने चक्कर मे लड़कियां चित्रावती उर्फ गीता व क्रांति भी चिपक गयीं। चंद्रपाल, मीना व पुत्री चित्रावती उर्फ गीता की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि क्रांति बुरी तरह झुलस गई थी। क्रांति को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसने भी रविवार को दम तोड़ दिया। बहन को बचाने के लिए भाई अनिल ने काफी प्रयास किए। उसने रिश्तेदारों की मदद से इलाज के लिए अच्छे अस्पताल में भर्ती करा रखा था, लेकिन घटना के दिन से उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। रविवार की सुबह क्रांति की मौत की खबर के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा गया। मॉडल चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह सिद्धू ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। प्रधान बांके लाल ने बताया कि पीड़ित परिवार को शासन और प्रशासन ने अभी तक किसी प्रकार की सहायता तक मुहैया नहीं कराई गई। क्रांति और उसकी बड़ी बहन चित्रावती उर्फ गीता हॉकी ही जिला स्तरीय खिलाड़ी थीं। उनकी मौत से खिलाड़ियों में भी शोक की लहर है। 
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