बरेली। अप्रैल 2024 तक बरेली से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और लेटलतीफी कम हो जाएगी। दिसंबर से फरवरी के बीच कई रेल खंडों में स्टेशन, यार्ड की रिमॉडलिंग, इंटरलॉकिंग और ट्रैक की मरम्मत कराई जाएगी। मुरादाबाद-लखनऊ रेलखंड के दलपतपुर, रोजा समेत कई स्थानों पर रेल ट्रैक की मरम्मत और पुलों के गर्डर बदलने के काम पूरे हो चुके हैं। बाकी काम मार्च 2024 तक पूरे करने का लक्ष्य है।
मुरादाबाद से लखनऊ की दूरी 327 किमी है। इस रेल खंड से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनों की गति धीमी हो जाती है। रोजा-सीतापुर और सहारनपुर-मुरादाबाद रेलखंड पर ट्रेनों की गति को बढ़ाया जा चुका है। इन रेलखंडों में 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी हो चुका है। अब मुरादाबाद-लखनऊ और बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ रेलखंड में कॉशन खत्म कर ट्रेनाें की गति बढ़ाने पर काम होना है। इन रेलखंडों में कई स्टेशनों पर अब भी मैन्युअल काम होता है। यहां रिमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग के काम होने हैं।
रेलवे ने एक दिसंबर से 29 फरवरी तक मुरादाबाद-बरेली-लखनऊ के बीच चलने वाली 15 जोड़ी ट्रेनों को निरस्त किया है। इसके अलावा छह ट्रेनों के फेरों को घटाया है। इस दौरान इस रूट पर ट्रेनों का दबाव काफी कम होगा। इसी बीच सुधार के काम कराए जाने का लक्ष्य है। लूप लाइन सुधार और पुलों की मरम्मत के लिए 3.89 करोड़ का बजट आवंटित हो चुका है। कई स्थानों पर पटरियां बदलने के लिए भी 51.19 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हो चुका है।
काशीपुर-कासगंज, बरेली-टनकपुर रेलखंड में भी होंगे सुधार
पूर्वोत्तर रेलवे के लालकुआं, काशीपुर, बहेड़ी, काठगोदाम, पीलीभीत, बरेली सिटी, उझानी समेत कई रेलवे स्टेशनों के सुंदरीकरण के काम अमृत भारत योजना के तहत शुरू हो गए हैं। उत्तर रेलवे के शाहजहांपुर स्टेशन पर भी काम चल रहा है। काशीपुर-लालकुआं और बरेली-पीलीभीत रेल खंड पर भी सुधार के काम होने हैं। टनकपुर-बरेली होते हुए कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। हाल ही में रेलवे ने टनकपुर-कानपुर और टनकपुर-खाटीपुर विशेष ट्रेनों का भी संचालन शुरू किया है। यह सिंगल ट्रैक है। इस पर भी काम किया जाएगा।