बरेली। उप्र पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल बृहस्पतिवार को शहर आए। उन्होंने पूछा- बिजली की अघोषित कटौती सहित अन्य दिक्कतों को लेकर हेल्प डेस्क पर संपर्क करने वाले उपभोक्ताओं की कॉल रिसीव क्यों नहीं होती? हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों ने उनको टका सा जवाब दिया कि हमारे पास काम का दबाव ज्यादा है। कंप्यूटर सहित अन्य आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। ऐसे में हम हर कॉल रिसीव नहीं कर सकते। यह सुनकर सकते में आए चेयरमैन व्यवस्था में सुधार की बात कहकर आगे बढ़ गए।
चेयरमैन बृहस्पतिवार दोपहर 2:20 बजे अचानक रामपुर बाग स्थित बिजली निगम के कार्यालय पहुंचे थे। सूचना पर मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश, अधीक्षण अभियंता (शहरी) ब्रह्मपाल समेत अन्य अभियंता मौके पर पहुंचे। चेयरमैन सबसे पहले हेल्प डेस्क पर ही पहुंचे। यहां कर्मचारियों का टका सा जवाब सुनने के बाद वह वर्टिकल एक व दो का निरीक्षण करने पहुंचे। इसके बाद अफसरों के साथ बैठक की।
निरीक्षण करने आए चेयरमैन के पास उपभोक्ताओं को जाने तक नहीं दिया गया। जिले में बेपटरी हुई बिजली व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा। चेयरमैन ने बताया कि हेल्प लाइन नंबर 1912 पर अब तक आपूर्ति की ही शिकायतें दर्ज होती थीं। जल्द ही इस पर बिजली कनेक्शन, गलत बिलिंग, लाइन शिफ्टिंग, ट्रांसफार्मर आदि से जुड़े प्रकरण भी दर्ज कराए जा सकेंगे।
कर्मचारी बोले- एक कंप्यूटर, आती हैं 200 से ज्यादा शिकायतें
चेयरमैन के जाने के बाद हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी अधिशासी अभियंता के पास पहुंचे। कहा कि हेल्प डेस्क पर प्रतिदिन 200 से ज्यादा उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचते हैं। इन्हें कंप्यूटर पर दर्ज भी करना होता है। जिस दिन मौसम खराब होने की वजह से फाल्ट ज्यादा होते हैं, उस दिन यह संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में हर कॉल रिसीव करना हमारे लिए संभव नहीं है। उन्होंने एक और कंप्यूटर उपलब्ध कराने की भी मांग की।
मदद मांगने पहुंची महिला से कहा- प्रार्थनापत्र दो
बरेली। चेयरमैन की गाड़ी देखकर एक महिला भी उनके पास पहुंची। कहा कि करंट लगने से पति की मौत हो चुकी है। इसके बाद से परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट है। इस पर चेयरमैन ने प्रार्थनापत्र देने के लिए कहा। स्थानीय अधिकारियों को भी महिला की समस्या सुनकर समाधान के लिए कहा। संवाद