फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं बताऊंगी वोट किसे दिया... पति ने हाथ छोड़ा, पत्नी ने पति को छोड़ दिया

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। राजनीतिक दलों के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता अब किस हद तक पहुंच गई हैं, इसकी बानगी सोमवार को इज्जतनगर के गांव सैदपुर में देखने को मिली। पत्नी के यह न बताने पर कि उसने वोट किसे दिया, पति ने उस पर हाथ छोड़ दिया। पत्नी इससे इतना नाराज हुई कि उसने पति को छोड़कर मायके की राह पकड़ ली। महिला थाने में उसके खिलाफ तहरीर भी दे दी।
विज्ञापन

माधोबाड़ी में रहने वाली अंशु की शादी तीन साल पहले इज्जतनगर में रहने वाले रोहित से हुई थी। पुलिस के मुताबिक रोहित और अंशु पहले से अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थक थे। अक्सर उनमें एक-दूसरे की पसंद के राजनीतिक दलों की खामियां निकालने पर नोकझोंक भी होती थी। कुछ ही समय पहले रोहित ने अंशु का वोट बनवाया था। मतदान का दिन नजदीक आया तो रोहित अंशु पर दबाव डालने लगा कि वह उसके कहने के मुताबिक वोट दे, लेकिन अंशु ने इसकी हामी नहीं भरी।
सोमवार को पति-पत्नी दोनों एक साथ अपने इलाके के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। अंशु के वोट डालकर पोलिंग बूथ से निकलते ही रोहित ने उससे सवाल किया कि उसने किसे वोट दिया। रोहित के कई बार पूछने के बावजूद अंशु ने उसे कुछ नहीं बताया तो वह एकाएक उग्र हो गया और मतदान केंद्र पर सबके सामने ही उसे पीटना शुरू कर दिया। मतदान केंद्र पर मौजूद दूसरे लोगों ने अंशु को बचाया।
विज्ञापन

रोहित के सबके सामने मारपीट करने से नाराज अंशु ससुराल लौटने के बजाय मतदान केंद्र से ही अपने मायके चली गई। मंगलवार को उसने महिला थाने में पति रोहित के खिलाफ तहरीर भी दे दी। महिला पुलिस ने रोहित को तलब किया तो उसने अंशु से माफी मांगी लेकिन अंशु ने उसे माफ करने से साफ इनकार कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि रोहित उस पर पहले भी कई बार हाथ उठा चुका है लेकिन इस बार उसने सबके सामने उससे मारपीट की है। वह बहुत अपमानित महसूस कर रही है इसलिए अब उसके साथ नहीं रहेगी। संवाद
पुलिस ने अंशु को दिलाया सवा साल का बेटा : अंशु और रोहित का सवा साल का बेटा है। मायके आते वक्त बच्चा ससुराल में ही छूट गया था जिसे पुलिस ने रोहित से थाने मंगवाया था। काफी मनाने के बाद भी अंशु नहीं मानी। इसके बाद पति-पत्नी में बेटे को ले जाने के लिए नोकझोंक होने लगी। पुलिस ने हस्तक्षेप कर अंशु को बेटा दिला दिया जिसे साथ लेकर वह फिर मायके चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें