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एसपी को कार से कुचलने की कोशिश करने वाले को छुड़ाने पहुंचीं महिलाएं

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बिना नंबर की बाइक चलाता पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पुलिस पर लगाया जाति पूछकर बेतहाशा पिटाई करने का आरोप
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पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा, मारपीट के आरोप नकारे

बरेली। सेटेलाइट चौराहे पर बृहस्पतिवार रात चेकिंग के दौरान एसपी और उनके गनर को कार से कुचलने की कोशिश करने के आरोपी अमनदीप को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। मेडिकल के लिए जिला अस्पताल पहुंचने पर परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर बेतहाशा पिटाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उसे पुलिस अभिरक्षा से भी छुड़ाने की कोशिश की। इस बाबत एसएसपी कार्यालय में भी शिकायती पत्र सौंपा। सुरक्षा के नजरिये से कोर्ट में शुक्रवार को उसे पेश करते वक्त पुलिस तैनात की गई थी।
बारादरी क्षेत्र में सेटेलाइट चौराहे पर बृहस्पतिवार देर रात चेकिंग के दौरान फरीदपुर की तरफ से आई एक तेज रफ्तार कार को रोकने की कोशिश करने पर कार चला रहे युवक ने एसपी अभिषेक वर्मा और उनके गनर को कुचलने की कोशिश की थी। बाद में वह कार लेकर पीलीभीत बाईपास की तरफ भाग निकला। पुलिस ने पीछा कर कुछ आगे उसे दबोच लिया था। उसने अपना नाम कटरा चांद खां निवासी अमनदीप बताया था। देर रात ही जगतपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह की ओर से उसके खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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शुक्रवार को पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो उसके परिवार की महिलाओं ने हालत गंभीर बताते हुए भर्ती करा दिया। आरोप लगाया कि पूरी रात हिरासत में रखकर पुलिस ने उसकी पिटाई की है, इससे उसकी हालत बिगड़ गई है। रात में पकड़े जाने के बाद उसकी जाति पूछकर पुलिस ने उसे पीटा। आरोप लगाया कि 12वीं के छात्र अमनदीप को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। परिवार का दबाव देखकर डॉक्टर भी मेडिकल परीक्षण करने से कतराने लगे। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप पर मेडिकल किया। शुक्रवार को परिवार के लोगों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा। कहा, सिर्फ चेकिंग के लिए कार न रोकने पर पुलिस ने उनके बेटे को इतनी बड़ी सजा दी है। हंगामा होने की आशंका के चलते कोर्ट में भी पुलिस बल तैनात किया गया। दोपहर बाद कड़ी सुरक्षा में अमनदीप को पुलिस ने जेल भेज दिया।

वन दरोगा के नाम हैं दो गाड़ियां, वह भी फंसेगा

अमनदीप का चचेरा भाई वन दरोगा है। वह बहेड़ी बार्डर पर तैनात है। दो गाड़ी उसके नाम हैं, जबकि एक कार अमन के परिवार के किसी व्यक्ति के नाम पंजीकृत है। सभी गाड़ियों पर अमन ने पुलिस का लोगो और हूटर लगा रखा है। पूरे लॉकडाउन में वह शान से कार लेकर घूमता रहा। इस दौरान कई बार बैरियर पर पुलिस से उसकी झड़प भी हुई। दो साल पहले भी उसके खिलाफ इसी तरह हेकड़ी दिखाने पर रिपोर्ट लिखी गई थी, लेकिन बाद में समझौता हो गया। पुलिस पर इस बार भी समझौते का दबाव था, लेकिन एसपी से जुड़ा मामला होने की वजह से किसी ने रिस्क नहीं लिया। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि वन दरोगा की भूमिका की भी जांच करा रहे हैं। उसके खिलाफ विजिलेंस से भी जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट भी लिखेंगे।

हूटर और पुलिस का लोगो लगाने वाले वाहनों के खिलाफ चलेगा अभियान

सेटेलाइट चौराहे पर देर रात हुई घटना के बाद एसएसपी ने कहा है कि हूटर और पुलिस का लोगो लगी गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। एसएसपी ने इस बारे में अधीनस्थों को निर्देश भी दे दिए हैं। कहा है कि इस तरह के सभी वाहनों की चेकिंग की जाए। बाइक पर फर्राटा भरते लड़कों की चेकिंग कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीआरओ केवी सिंह से तत्काल आदेश निर्गत करने को कहा है।
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