नीतियों का नतीजा.... देश में 21 फीसदी महिला उद्यमी
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जब सरकार बनी और देश की अर्थव्यवस्था का सुधार की कवायद शुरू हुई तो देखा गया कि बगैर महिला शक्ति के ये मुमकिन नहीं। अड़चन थी कि बड़ी आबादी निर्धन महिलाओं की है। जिन्हें मूलभूत सुविधा के तहत आवास, शौचालय, ईंधन, पेयजल, शिक्षा समेत नीतिगत, वित्तीय समावेशन, उद्यमिता मार्गदर्शन मुहैया कराया। बैंक खाते खुलवाए। नतीजा रहा कि भारत महिलाओं को रोजगार देने वाला देश बन चुका है। एमएसएमई में 21 फीसदी महिला निवेशक हैं।