बरेली। आधुनिक दौर में खुद को फिट रखना किसी चुनौती से कम नहीं। इसके लिए महिलाएं सुबह-शाम जिम में जाकर पसीना बहा रही हैं। घर और काम की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर नियमित रूप से वर्कआउट कर रही हैं। उनका उद्देश्य केवल वजन घटाना ही नहीं, बल्कि खुद को शारीरिक-मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बनाना है। इसका असर भी दिख रहा है।
दवाइयों से मिला निजात
बसंत विहार निवासी 40 वर्षीय सोनम सिंह ने बताया कि उन्हें थायराइड की समस्या थी। बढ़ते वजन और थकान के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती थी। अब वह चार वर्षों से नियमित जिम जा रही हैं। इससे उनका थायराइड का स्तर सामान्य है और दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती। अब वह खुद को पहले से अधिक ऊर्जावान और आत्मविश्वासी महसूस करती हैं।
उम्र नहीं है बाधक
शास्त्रीनगर की 52 वर्षीय नीरज शर्मा ने नवंबर 2025 में जिम जाना शुरू किया। शुरुआत में उन्हें सांस फूलने और थकान की समस्या रहती थी। उन्होंने सुबह योग और शाम को दो घंटे जिम में वर्कआउट शुरू किया। नियमित अभ्यास के बाद उनकी ऊर्जा में सुधार आया है। अब वह दिनभर सक्रिय महसूस करती हैं। वह बताती हैं कि फिटनेस के रास्ते में उम्र बाधा नहीं बनती।
नियमित व्यायाम से सुधरी सेहत
33 वर्षीय आरती को थायराइड, कमजोरी और थकान की शिकायत रहती थी। दो वर्षों से नियमित व्यायाम से उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है। अब वह पहले से बेहतर महसूस करती हैं। आरती का मानना है कि जिम केवल शरीर को फिट नहीं करता, बल्कि सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाता है। वह खेल गतिविधियों में भाग लेने की भी योजना बना रही हैं।