बरेली। जिले के सभी ब्लॉकों में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में महिला चपरासी, चौकीदार व रसोइया के पदों पर संविदा भर्ती के लिए उच्च शिक्षित महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। महज सात हजार रुपये मासिक वाली नौकरी के लिए बीएड, बीटीसी, बीकॉम व एमए जैसी डिग्रियां हासिल कर चुकीं महिलाओं ने आवेदन किया है। विकास भवन में बुधवार को साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों की लंबी कतार देखने को मिली।
इन पदों के लिए अभ्यर्थियों ने अगस्त 2025 में आवेदन किया था। 10 माह बाद छह जून को समाज कल्याण विभाग की ओर से उनको पत्र जारी किया गया जो नौ जून को पहुंचा। बहेड़ी के महादेवपुरम की मंजू, मीरगंज के सिधौली की मीनाक्षी समेत कई महिलाएं बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में पहुंचीं और साक्षात्कार दिया।
सबके हालात अलग-अलग
वर्ष 2014-15 में स्नातक पूरा कर घर में बैठी हूं। महंगाई में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन किया है। - त्रिलोकी देवी, बहेड़ी
वर्ष 2018 में बीकॉम किया था। शादी के छह साल हो गए। एक बच्ची भी है। पति प्राइवेट नौकरी करते हैं। इस वजह से चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन किया। - निधि, चनहेटा कैंट
मैंने वर्ष 2011-12 में बीएड पूरा किया था। प्राइवेट नौकरी करती थी। भविष्य में नियमित होने की आस में चपरासी पद के लिए आवेदन किया है। - निधि रस्तोगी, सिटी सब्जी मंडी
मैंने वर्ष 2017 में स्नातक किया। इसके बाद 2019 में बीटीसी की। संविदा की नौकरी है इस वजह से चौकीदार व चपरासी दोनों के लिए आवेदन कर रखा है। - रहनुमा बी, मीरगंज
मैंने वर्ष 2002 में एमए की पढ़ाई पूरी की। पेटिंग व आर्ट के भी कोर्स किए। चपरासी के लिए आवेदन की हूं। कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। - सीमा सक्सेना, भूड़ प्रेमनगर