महिला हेल्पलाइन सेवा से जुड़ी सुगमकर्ता रेनू शर्मा, पारुल सिंह, खुशबूजहां, चालक छत्रपाल, सतीश, हाउसकीपर पूजा और द्रौपदी को पिछले 13 माह से मानदेय नहीं मिला। इधर, सेवा प्रदाता कंपनी ने भी अब स्टाफ को नौकरी से हटाने का नोटिस थमा दिया है।
यह स्टाफ महिला हेल्पलाइन में काम करके 13 माह से मानदेय न मिलने की वजह से पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे थे। अब नौकरी से निकाले जाने के बाद स्टाफ कोरोना महामारी के बीच बेरोजगार भी हो गए हैं।