बरेली। बाइक चलाने का शौक अब महज रोमांच तक सीमित नहीं रहा। शहर की महिला बाइकर्स इसके जरिये सामाजिक सरोकारों को रफ्तार दे रहीं हैं। वे सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण जैसे अभियानों में योगदान देने के साथ ही देश-विदेश की यात्रा कर अपने अनुभवों से समाज में जागरूकता फैला रहीं हैं। पेश है एक रिपोर्ट...।
श्वेता दे रहीं फिटनेस का मंत्रश्वेता बाइकिंग के साथ ही बंजी जंपिंग, स्कूबा डाइविंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। वह फिटनेस को अपनी जीवनशैली का हिस्सा मानती हैं और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करती हैं। वह बाइक रैली के जरिये सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचा रहीं हैं। सेव वाटर, सेव अर्थ जैसे अभियानों को बढ़ावा देने के लिए वह रैलियों में हिस्सा लेती हैं।
महिला सशक्तीकरण का संदेश दे रहीं रिया
रिया चावला को बचपन से ही बाइक चलाने का शौक था। अब वह अपने इस जुनून को महिला सशक्तीकरण से जोड़कर समाज में नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने अपने पति के सहयोग से बाइक राइडिंग में कदम रखा और अब महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। रिया का मानना है कि किसी भी कार्य को करने के लिए पुरुष या महिला होने का अंतर मायने नहीं रखता। बस दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।
खुद से प्रेरणा लेकर फर्राटा भर रहीं सिमरनशौक कब कामयाबी में बदल लिया, सिमरन कौर को खुद इसका पता नहीं चला। उनका मानना है कि खुद से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कड़ी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। अपने इसी विचार को समाज तक पहुंचाने के लिए वह लगातार बाइक रैलियों में भाग ले रही हैं। बाइक से अब तक वह दुधवा नेशनल पार्क, अल्मोड़ा और मुक्तेश्वर की यात्रा कर चुकीं हैं। संवाद