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नोएडा में फंसी बेटी को लाने की परमीशन के लिए भटक रही महिला

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अपनी बेटी के लिए परेशान महिला। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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महिला का कहना - गले की बीमारी होने से कुुछ खा नहीं पा रही उसकी बेटी

बरेली। लॉकडाउन के बाद दिल्ली और एनसीआर में बड़ी संख्या में लोग घरों में वापस नहीं आ पा रहे हैं। शुक्रवार को श्यामगंज में रहने वाली एक महिला की बेटी नोएडा से वापस नहीं आ पा रही है। महिला का कहना है कि उसकी बेटी की तबीयत खराब हो गई है। वह वहां अकेली है। बेटी को वापस लाने के लिए वह डीएम आवास और कलक्ट्रेट पहुंची लेकिन परमीशन न मिलने से वह मायूस होकर घर लौट गई।
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श्यामगंज की रहने वाली रजनी शुक्रवार को आफिस के चक्कर काटती रही। उनका कहना है कि पति के गुजरे के बाद उन्हें नौकरी के लिए दोनों बेटियों को नोएडा भेजना था। बड़ी बेटी कोमल के साथ उसकी छोटी बहन भी रहती थी। उनका कहना है कि जनता कर्फ्यू से पहले उसकी छोटी बेटी घर से कुछ सामान लेने के लिए वापस आ गई, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वापस नहीं जा सकी। अब नोएडा में बड़ी बेटी कोमल अकेली है। उसे गले की गंभीर बीमारी है। इसलिए वह वहां कुछ खाना भी नहीं खा पा रही है। वह जब फोन करती है तो बेटी काफी रो रही है। कोमल का कहना है कि पहले वह डीएम आवास पर गई थी। वहां उसे कलक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन वीके सिंह के पास भेज दिया गया है। यहां एडीएम कह रहे हैं कि वह किसी भी हालत में परमीशन नहीं दे सकते। ऐसे में उसकी बेटी को अगर कुछ हो गया तो वह क्या करेगी?
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‘बहुत ही इमरजेंसी में बाहर रहने वाले किसी व्यक्ति को परमीशन दी जा सकती है। लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।’
- वीके सिंह, एडीएम प्रशासन
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