गीता के माथे में लगी गोली
विनोद ने बताया कि रविवार सुबह वह अपने खेत से लौट रहे थे। अमित, सुमित और निरंजन ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर वह भागे तो अमित ने उन पर तमंचे से फायर कर दिया। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया तो गोली वहां खड़ी गीता के माथे पर लग गई। गीता के पति की पहले ही मौत हो चुकी है।
पुलिस की लापरवाही से हुई घटना
पुरनापुर गांव में आठ महीने पुरानी रंजिश फिर ताजा हो गई है। गनीमत रही कि गोली महिला के माथे को छूकर निकल गई। लोग इसे पुलिस की लापरवाही से जोड़कर देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह हुए झगड़े में दोनों तरफ से पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन गांव में झांकने तक नहीं गई।
इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और दिनदहाड़े गोली चला दी। थानाध्यक्ष राजेश बाबू मिश्रा ने बताया कि शनिवार शाम को ही मैंने थाने का प्रभार लिया था। इस कारण शनिवार की गतिविधियों की जानकारी नहीं है। फिलहाल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।