दो बहनों ने बरेली निवासी चार बेरोजगारों से नौकरी लगवाने के नाम पर कई लाख रुपये की ठगी कर ली। इनमें से एक महिला खुद को कभी एडीएम तो कभी एसडीएम बताकर सरकारी नौकरी का भरोसा देती रही। ठगी की जानकारी के बाद पीड़ित सन्न रह गए। उन्होंने इनमें से एक महिला को घेर भी लिया। बारादरी थाने में दोनों बहनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फाइक एन्क्लेव निवासी प्रीति लॉयल ने बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को बताया कि ग्रीन पार्क निवासी शिखा पाठक ने उनसे जान पहचान बढ़ा ली थी।
शिखा ने उन्हें बताया कि उसकी बहन डॉ. विप्रा मिश्रा आईएएस अधिकारी हैं। फिलहाल गजरौला में एडीएम वित्त एवं राजस्व के पद पर तैनात हैं। उसकी सचिवालय में काफी पहचान है और कई लोगों की नौकरी लगवा चुकी हैं।
प्रीति उसकी बातों में आ गईं। उसने अपनी कॉलोनी के आदिल खान, सतीपुर निवासी संतोष कुमार व बारादरी निवासी मुशाहिद को यह बात बताई।
सभी लोगों ने सरकारी नौकरी की खातिर शिखा के जरिये विप्रा से मुलाकात की और उनके मांगने पर कई बार में कई लाख रुपये उसे दे दिए।
दोनों बहनों ने उन्हें मनीषा त्रिघाटिया, आयुक्त एवं सचिव उप्र शासन की ओर से जारी नियुक्ति पत्र सौंप दिए। उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य समकक्ष पदों पर नियुक्त दिलाने का वादा पूरा करने की बात कही।
चारों लोग ज्वॉइनिंग के लिए विभूति खंड लखनऊ पहुंचे तो पता लगा कि इस तरह की कोई नौकरी निकली ही नहीं है।