पीड़ित परिवार की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
मां ने कहा- गहरी नींद में थी
पुलिस से लेकर मीडिया तक ने जैद से ही बात की, हालांकि वह वारदात के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। फारूख की मां नफीसन का हाथ टूटा हुआ है। एएसपी चंद्रकांत मीना को उन्होंने बताया कि वह दो दिन पहले गिर गई थीं। दर्द की वजह से उन्होंने दवा खाई थी। बेटे ने इंजेक्शन भी लगाया था। शायद दवा से नशा जैसा हुआ और वह गहरी नींद में सो गई थीं।
घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे प्रधान के पति विरासत और नसरीन के परिवार से भी एसपी सिटी, एएसपी व अन्य अधिकारियों ने जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच के मुताबिक नसरीन की हत्या अनायास नहीं हुई। उसने शायद बदमाशों में से किसी को पहचान लिया था या कुछ ऐसा देख लिया था, जिससे उसकी हत्या कर दी गई थी।
सब्जी-फल काटने वाले चाकू से किए वार
फारूख के पेट पर चाकू से जो वार किया गया है, उसमें छह टांके आए हैं। कुछ घाव सिर में भी हैं। फारूख ने बताया कि चाकू क्लीनिक की टेबल पर पड़ा था। उससे वह फल काटते हैं। पुलिस पहुंची तो चाकू भी धुला हुआ मिला।
क्लीनिक का गेट टूटा, मेन गेट खोलने पर भ्रम
फारूख आलम की हालत अभी पूरी तरह सही नहीं है। कुछ देर बात करने के बाद वह सो जा रहे हैं। अलग-अलग वक्त में उन्होंने पुलिस को वीडियो पर जो बयान दिए हैं, उनमें विरोधाभास है। बदमाशों के प्रवेश और निकासी को लेकर भी भ्रम है। फारूख ने सुबह सदर कोतवाल को बताया कि बदमाश क्लीनिक के रास्ते से अंदर आए।
शाम को एएसपी ने फारूख का जो बयान रिकॉर्ड किया उसके मुताबिक लोहे का मेन गेट खोला गया। क्लीनिक का गेट अंदर से टूटा है, जैसे उसे तोड़कर कोई बाहर निकला हो। वहीं, लोहे के मेन गेट के पास अंदर पैरों के निशान देखकर फोरेंसिक टीम ने उसके नमूने लिए। तब फारूख ने एसपी सिटी को बताया कि वह निशान उनके पैरों के ही हैं।
एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि डॉक्टर का क्लीनिक खुलवाकर लूट और महिला की हत्या की गई है। डॉक्टर पर भी चाकू से वार किए हैं। तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। कई टीमें खुलासे में लगाई गई हैं।