मीरगंज। प्रसव के बाद महिला का गलत इलाज कर दिया। अब कमर के नीचे के अंग ने काम करना बंद कर दिया तो थाना क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीण ने झोलाछाप के खिलाफ उपजिलाधिकारी मीरगंज से शिकायत की है। मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीड़ित राकेश कुमार निवासी अब्दुल्ला गंज ने बताया कि 13 जुलाई को उनकी पत्नी शांति देवी को प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे शादी हाॅल के पास क्लीनिक पर ले गए, जहां भर्ती किए जाने पर पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। वहां चार दिनों तक ड्रिप व इंजेक्शन लगता रहा। उसके बाद महिला झोलाछाप ने उसे छुट्टी दे दी। पीड़ित ने बताया कि अब उसकी पत्नी के कमर के नीचे के अंग ने काम करना बंद कर दिया। वह चारपाई पर पड़ी है। उठना-बैठना भी नहीं हो पा रहा है। इस सिलसिले में जब उसने गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया तो झोलाछाप ने गाली-गलौज करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि झोलाछाप के कोई वैध दस्तावेज नहीं है। वह लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। मामले में शिकायत मिलने पर एसडीएम तृप्ति गुप्ता ने प्रभारी निरीक्षक मीरगंज कुंवर बहादुर सिंह को जांच कर कार्रवाई के संबंध में निर्देश दिए हैं। संवाद
मामले की मुझे जानकारी नहीं है। इसकी शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वागीश कुमार शर्मा, सीएचसी प्रभारी, मीरगंज