सैर कर रहे लोगों ने देखा कि उससे डेढ़ गुना उम्र का व्यक्ति उसे बाइक पर बैठाने का प्रयास कर रहा था। महिला मदद के लिए चीखी तो भीड़ जुट गई। फिर लोगों के हस्तक्षेप से मामला थाने पहुंचा। वहां महिला ने आरोप लगाया कि माता-पिता ने दो माह पहले उसे 50 हजार रुपये में पस्तोर गांव निवासी ग्रामीण को बेच दिया था। दिखावे के लिए उसकी शादी भी की गई।
आरोप लगाया कि उसका पति उसे मारता-पीटता है और वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने यह भी बताया कि तीन वर्ष पहले उसके माता-पिता ने उसकी बड़ी बहन को भी 70 हजार रुपये में इसी गांव में बेचा था। उसका सौदा कथित बहनोई के कहने पर हुआ है। इस दौरान उसका पति भी मौके पर पहुंच गया। प्रभारी निरीक्षक ने फोन पर बिहार में मौजूद महिला के मायके वालों से बात की।
उन्होंने बताया कि उनका इलाका फिलहाल बाढ़ की चपेट में है और बाढ़ थमने के बाद वे आएंगे। सीओ आंवला हेमंत उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल नवविवाहिता को उसके ससुर और पति के साथ हिदायत देकर भेजा है। मायके वालों के आने के बाद महिला को उसकी इच्छा के अनुसार भेजा जाएगा। सीओ ने खरीद-फरोख्त के आरोप निराधार बताए।