बरेली। गृहकर के विवाद को लेकर एक महिला और निगम के राजस्व निरीक्षक के बीच छिड़ा विवाद अब थाने पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
बारादरी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके मकान का 61,143 रुपये का गृहकर बकाया था। इस मामले को रफा-दफा करने के नाम पर नगर निगम के राजस्व निरीक्षक (आरआई) सचिदानन्द सिंह ने करीब डेढ़ वर्ष पहले उनसे 20,000 रुपये लिए थे। महिला का आरोप है कि काम करने के बजाय आरोपी अधिकारी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में इसे अपनी रिश्वत बताते हुए 20,000 रुपये की और मांग करने लगा। पैसे न देने पर कुर्की की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि 16 जून को जब वह कार्यालय गईं तो उनके साथ अभद्रता कर धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद 17 जून को जब वह पार्षद प्रतिनिधि अतुल कपूर और अपने बेटों के साथ दोबारा शिकायत लेकर जोन-4 कार्यालय पहुंचीं, तो आरोपी अधिकारी आग बबूला हो गया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। दूसरी ओर, राजस्व निरीक्षक सचिदानंद सिंह ने भी थाने में शिकायती पत्र में दूसरे पक्ष पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और बदतमीजी करने का जवाबी आरोप लगाया है। आरआई का कहना है कि 17 जून की दोपहर करीब 12 बजे जब वह अपने कार्यालय कक्ष संख्या 9 में विभागीय पत्रावलियों का निस्तारण कर रहे थे, तभी वार्ड- 8 मॉडल टाउन के पार्षद प्रतिनिधि अतुल कपूर, मोहित अरोरा, उसका भाई और करीब सात अज्ञात लोग जबरन उनके केबिन में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी की और समझाने के बावजूद हाथापाई पर उतारू हो गए। आरआई ने यह भी आरोप लगाया कि 16 जून को भी मोहित अरोड़ा ने कार्यालय आकर सरकारी दस्तावेजों के साथ हस्तक्षेप करने का प्रयास किया था। अधिकारी के मुताबिक पार्षद प्रतिनिधि उन पर नियम विरुद्ध कार्य करने का अवैध दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा डालने और सुरक्षा की मांग करते हुए नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। वहीं राजस्व निरीक्षक सचिदानंद सिंह ने महिला की ओर से लगाए आरोप को निराधार बताया है।