मां बोली- दो भेड़िये थे
समरीन जहां ने बताया कि रात करीब ढाई बजे भेड़िये ने बेटी को चारपाई के सिराहने से दबोचा तो वह चिल्ला पड़ी। बेटी की आवाज सुनकर उनकी भी आंख खुल गई। उसने देखा की दो भेड़िये थे। समरीन ने हो-हल्ला किया तो हैदर और परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए।
भेड़िया होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। बलुई इलाका होने के कारण स्पष्ट पगचिह्न भी नहीं मिले। इस क्षेत्र में तेंदुआ सक्रिय है। निगरानी के लिए आठ कैमरे और दो टीमें लगाई गई हैं।- सौरीष सहाय, डीएफओ उत्तर खीरी