कड़ाके की सर्दी न पड़ने के कारण खतरनाक बीमारियों के वायरस और बैक्टीरिया ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में छह बच्चे विंटर डायरिया से पीड़ित भर्ती कराए गए हैं जबकि कई अन्य बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों ने 0-2 साल तक के बच्चों का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल में मंगलवार को देवचरा निवासी दो माह का रौनक, चौरासी निवासी आठ माह का विवेक, नरकुलागंज का ढाई माह का सामरा, अमन (10), रिछा निवासी पांच माह का हसन, कटरा चांद खां का सुमित (14) भर्ती कराया गया है। इन बच्चों का उपचार जारी है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी कई बच्चों को विंटर डायरिया से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया है।
ऐसे पहचानें
विंटर डायरिया में दस्त आने शुरू हो जाते हैं और उल्टियां भी होती हैं। इस कारण शरीर का पानी निकल जाता है। इसके अलावा रोगी को पेशाब कम आती है।
विंटर डायरिया के कारण
-गंदा खिलौना मुंह में डालना
-बच्चों के हाथ गंदे रहना
-बाहरी चीजाें का सेवन करना
-कटा सलाद काफी देर बाद खाना
-स्ट्रीट फूड का सेवन करना
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छोटे बच्चे जो दूध पीते हैं उनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। इस समय उनके दांत भी निकलते हैं। इसलिए अगर बोतल का दूध पीता है तो उसे गर्म पानी से पहले धो लें फिर बच्चों को दूध दें। बच्चों को हाथ मुंह में न डालने दें। अच्छा होगा कि उसे साफ करते रहें या पाेंछते रहें।
-डॉ. रवि खन्ना, बाल रोग विशेषज्ञ
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कटा हुआ सलाद अधिक देर तक खुले में रखा है तो यह खतरनाक है। इसमें कीटाणु पनप सकते हैं। जिसे खाने के बाद पेट में दर्द और फिर दस्त शुरू हो सकते हैं। इसलिए शादी और पार्टी में सलाद से तौबा करें। घर पर भी तुरंत सलाद काटें और खाएं।
-डॉ. अजय मोहन अग्रवाल, फिजीशियन, जिला अस्पताल