पशुओं में खुरपका और मुंहपका की बीमारी फैलने के बाद आईवीआरआई ने अपने बायो सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करना शुरू कर दिया है। अब हर किसी को बायो सिक्योरिटी सिस्टम से गुजरना पड़ेगा।
आईवीआरआई में पशुओं में खुरपका-मुंहपका की बीमारी फैलने के बाद अब सावधानियां बरती जा रही हैं। अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को गाय, बकरी, भैंस आदि साथ फॉर्म में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। संस्थान के वैज्ञानिक और कर्मचारियों को भी बायो सिक्योरिटी सिस्टम से गुजरना पड़ेगा। कोई भी कर्मचारी बार-बार न अंदर आ सकेगा और न बाहर जा सकेगा। आईवीआरआई के पशु धन उत्पादन एवं प्रबंधन के कोऑर्डिनेटर डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि हम अपने बायो सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत करेंगे। अगर यह सिस्टम मजबूत रहेगा तो कोई भी वायरस फॉर्म के पशुओं पर अटैक नहीं कर पाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक चार महीने से छोटे पशुओं के बच्चों और आठ महीने से ऊपर के गर्भ धारण करने वाले पशुओं को टीकाकरण नहीं किया जाता था। माना यह जाता था कि इन पशुओं को टीकाकरण से नुकसान पहुंचता है। अब कुछ और शोध के आधार पर पाया गया कि टीकाकरण से कोई नुकसान नहीं पहुंचता है इसलिए अब प्रत्येक पशु का टीकाकरण किया जाएगा।
--------------
ठंड में ज्यादा होती है बीमारी
आईवीआरआई के पशु धन उत्पादन एवं प्रबंधन के कोआर्डिनेटर डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि किसी भी वायरस के ठंड में सरवाइव करने की ज्यादा संभावना रहती है। एफएमडी वायरस के भी ठंड में फैलने की आशंका रहती है इसलिए ठंड में बायो सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत रखना और भी जरूरी होगा, ताकि वायरस का संक्रमण न होने पाए।