बरेली। परिषदीय विद्यालयों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। सर्दी भी बच्चों का इम्तिहान ले रही है। स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं हैं। दरी पर बच्चे ठिठुर रहे हैं। यह तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोल रही है। बृहस्पतिवार को सुबह की पाली में कक्षा दो और तीन की गणित, कक्षा चार से छह तक हिंदी, सात और आठ की विज्ञान की परीक्षाएं कराई गईं। दूसरी पाली में संस्कृत और उर्दू की परीक्षाएं हुईं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में कहीं परीक्षा कक्ष से शिक्षक नदारद मिले तो कहीं बच्चे नकल करते पाए गए।
दोपहर 12:58 बजे
प्राथमिक विद्यालय हरूनगला प्रथम
दो कक्षों में बच्चे दरी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। कुछ बच्चे कक्षाओं में खेलते दिखे। दोनों कक्ष में शिक्षक नहीं दिखे। एक शिक्षक ऑफिस में बैठकर कुछ काम करती दिखीं। दूसरी बाहर बैठकर किताब पढ़ रहीं थीं। इंचार्ज निर्मला एसआईआर के कार्य के कारण मौजूद नहीं थी।
दोपहर 1:04 बजे
उच्च प्राथमिक विद्यालय हरूनगला द्वितीय
कुछ विद्यार्थी बाहर दरी पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। पास में ही शिक्षिका लेखा-जोखा बना रहीं थी। अंदर दो कमरों में बच्चे बेंच पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे, लेकिन वहां कोई शिक्षक नहीं दिखा। बच्चे नकल कर रहे थे। इंचार्ज फराह बेगम ने बताया कि बेंच की मांग की है। अब तक मिली नहीं है।
दोपहर 1:30 बजे
प्राथमिक विद्यालय रोहली टोला द्वितीय
गेट पर अंदर से ताला लगा था। बच्चे आपस में बात करते हुए परीक्षा दे रहे थे। यहां भी कोई शिक्षक नहीं दिखा। तीन शिक्षिकाएं अंदर बने कक्ष में बातें करती दिखीं। उन्होंने बताया कि इंचार्ज पूजा सक्सेना एसआईआर के कारण मौजूद नहीं हैं। परीक्षा के लिए यहां बिथरी ब्लाक से रश्मि और साधना की तैनाती की गई है।