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बड़ा सवाल: टपरी डिस्टिलरी सीज होने के 20 दिन बाद कैसे निकली शराब? बरेली में पकड़ा गया दारू भरा ट्रक

Sun, 28 Mar 2021 01:36 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

  • सौ करोड़ की टैक्स चोरी पर टपरी डिस्टिलरी को किया गया था सीज
  • घटना से मची खलबली
  • 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सहारनपुर की टपरी डिस्टिलरी से कानपुर भेजी गई शराब से भरा ट्रक बरेली में पकड़े जाने के मामले में रहस्य और गहरा गया है। दरअसल सौ करोड़ की टैक्स चोरी पर टपरी डिस्टिलरी को चार मार्च को ही सीज किया जा चुका है, लिहाजा सवाल यह उठ रहा है कि 24 मार्च को इस डिस्टिलरी की शराब बरेली कैसे पहुंचीं। फिलहाल इस घटना के बाद बरेली, सहारनपुर और कानपुर लेकर लखनऊ तक खलबली मची हुई है।
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लखनऊ की एसआईटी ने तीन मार्च को टपरी (सहारनपुर) में स्थित डिस्टिलरी पर छापा मारकर करीब सौ करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ने के बाद बरेली के मॉडल टाउन निवासी डिस्टिलरी मालिक प्रणव अनेजा, उन्नाव के शराब कारोबारी अजय जायसवाल समेत 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दोनों प्रमुख शराब कारोबारी फरार हो गए। एसटीएफ अब तक उन्हें तलाश कर रही है। एसआईटी ने डिस्टिलरी को सीज कर दिया था। बरेली में बीसलपुर रोड पर 24 मार्च को शराब से भरा जो ट्रक पकड़ा गया, उसमें टपरी डिस्टिलरी की ही शराब भरी हुई थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस डिस्टिलरी में चार मार्च से शराब का उत्पादन बंद है, उससे निकला शराब की जखीरा बरेली में 24 मार्च को कैसे पकड़ा गया।

बता दें कि डिस्टिलरी से शराब निकलने के बाद एक-दो दिन में ही डिपो और इसके बाद एक-दो दिन में दुकान तक पहुंच जाती है। ऐसे में टपरी डिस्टिलरी बंद होने के पूरे 20 दिन बाद बरेली में उसकी शराब पकड़ा जाना अफसरों को भी हैरान कर रहा है। बरेली के अधिकारी अब बार कोड की जांच कर रहे हैं। मामले की विवेचना कर रहे बारादरी के इंस्पेक्टर क्राइम राजकुमार ने बताया कि ट्रक चालक संजय ने पूछताछ में बताया था कि शराब कानपुर के गोदाम से लाई गई है। उसके पास इसका कोई कागज नहीं था। इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कानपुर का गोदाम भी उन्नाव के शराब कारोबारी अजय जायसवाल का है। उन्होंने कानपुर के आबकारी इंस्पेक्टर से बात कर इसकी पुष्टि की है।
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उन्होंने बताया कि तीन मार्च से पहले बनी हुई शराब 24 मार्च तक गोदाम में रखी रहे, यह संभव नहीं है। अगर ऐसा है तो कानपुर के आबकारी विभाग के अधिकारियों को जवाब देना पड़ेगा। वैसे भी तीन मार्च को एसआईटी की दबिश के बाद कानपुर, उन्नाव समेत सभी गोदाम चेक किए गए थे। फैक्ट्री सीज होने के टपरी डिस्टिलरी सीज होने के बाद वहां से शराब निकलने की आशंका बेहद कम है।

सुगबुगाहट: बरेली में भी सहारनपुर जैसा टैक्स घोटाला
शराब भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद बरेली में टपरी डिस्टिलरी जैसा टैक्स चोरी का बड़ा मामला होने की सुगबुगाहट है। सहारनपुर में प्रणव अनेजा की डिस्टिलरी में सौ करोड़ की टैक्स चोरी सामने आने के बाद उन्नाव, बदायूं, संभल और कानपुर पहले से एसआईजी के निशाने पर थे लेकिन अब बरेली भी आ गया है। दरअसल डिस्टिलरी मालिक प्रणव अनेजा बरेली के ही मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। बरेली में जो ट्रक पकड़ा गया वह मनोज जायसवाल का है और कानपुर से अजय जायसवाल के गोदाम से लाया गया था। मनोज अजय जायसवाल के नजदीकी रिश्तेदार हैं। उनका बरेली में डिपो और शराब की कई दुकानें हैं। पुलिस इन सारे सूत्रों को जोड़ रही है। टैक्स चोरी कर टपरी डिस्टिलरी से अवैध रूप से शराब निकालकर बरेली लाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।

यह बात सही है कि ट्रक में मौजूद शराब सहारनपुर की डिस्टिलरी की बनी हुई है। ट्रक चालक ने बताया था कि वह कानपुर स्थित मनोज जायसवाल के गोदाम से यह शराब लेकर आया था। - राजकुमार, इंस्पेक्टर क्राइम/ विवेचक
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शराब भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद इसकी रिपोर्ट आबकारी आयुक्त और शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर से इस मामले की जांच चल रही है। -नितीश कुमार, डीएम
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