बरेली। शहर के एक दिवसीय भ्रमण पर आए उप्र वक्फ विकास निगम के निदेशक शफात हुसैन ने कहा कि बरेली में 25 हजार वर्गफुट जमीन मिले तो मुसाफिरखाना बनाएंगे। इसमें 500 रुपये में एसी रूम, 300 रुपये में सामान्य कमरा व 150 रुपये में डॉरमेट्री उपलब्ध कराएंगे। इससे यहां आने वाले जायरीन को काफी सहूलियत होगी। इस तरह का मुसाफिरखाना लखनऊ में चल भी रहा है।
उन्होंने बताया कि बरेली के बिथरी में सद्भावना मंडप निर्माणाधीन है जो सात-आठ माह में तैयार हो जाएगा। यह बहुत कम चार्ज पर लोगों को विवाह व अन्य समारोह के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। पिछले दिनों झुमका चौराहे के पास 32 बीघा जमीन देखी थी। वहां गरीबों के लिए मकान बनवाने की योजना थी, मगर कुछ कारणों से बात बन नहीं पाई। इसके लिए भी जमीन की तलाश जारी है।
उन्होंने ने बताया कि निगम की ओर से अब तक लखनऊ सहित कई शहरों में काम कराए गए हैं। कासगंज के लभेड़ा में पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, मुरादाबाद में बालिका इंटर काॅलेज का निर्माण कराया गया हैं। रायबरेली, बलिया, सिद्धार्थनगर, मेरठ, फतेहपुर में सामुदायिक केंद्र व कुछ शहरों में श्रमजीवी महिला आवास बनाए गए हैं।
उप्र वक्फ विकास निगम के निदेशक शफात हुसैन ने रविवार को आला हजरत दरगाह पहुंचकर चादर व गुलपोशी की। हुजूर ताजुश्शरिया की दरगाह पर भी हाजिरी देकर दुआएं मांगी। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की दुआ मांगने के लिए वह लखनऊ से दरगाह पर आए थे। यहां उन्होंने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी से भी मुलाकात की। ओबीसी मोर्चा के महानगर सहमीडिया प्रभारी शारिक अब्बासी ने बताया कि इस दौरान जमात रजा मुस्तफा के पदाधिकारी मोइन खान से भी फोन पर बातचीत हुई। इस मौके पर सलीम असलम, यासीन आजम, रेहान, अजीम, सरताज, अलीम गुड्डू, फहीम, फैजान, इश्तियाक आदि मौजूद रहे।