केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले के आवासहीनों के लिए भी निशुल्क आवास बनवाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने आवास से वंचित परिवारों का सर्वे करके उनकी सूची मांगी है। वर्ष 2011 में कराए गए सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर यह सर्वे किया जाएगा। जनगणना में आवासहीन चिन्हित परिवारों को उनकी जरूरत और आर्थिक स्थिति के आधार पर इस योजना में चिन्हित किया जाएगा। नई बनी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने अगले तीन साल में देश के ग्रामीण क्षेत्र में एक करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें चिन्हित लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए केंद्र सरकार 1.20 लाख रुपये देगी। भारत सरकार के ग्राम विकास मंत्रालय ने इसका सरकुलर भी जारी कर दिया है। इसी वित्तीय वर्ष 2016-17 से यह योजना शुरू कर दी गई है। जिले में आवासों का लक्ष्य बाद में तय होगा। फिलहाल शासन से सर्वे का आदेश आने के बाद सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने पंचायतराज विभाग को लाभार्थियों का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि अब तक इंदिरा आवास और लोहिया आवास योजना संचालित है। इसके लिए भी केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराती आई है लेकिन इसमें कुछ अंशदान लाभार्थी का भी होता था लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभार्थी अंश शामिल नहीं रहेगा।