पति की कमाई से चलता था खर्च
परिवार के पास तंग गली में जर्जर मकान है। मकान की छत टूटी है। बाहरी हिस्से में पन्नी तनी है। जायदा बेगम ने बताया कि पति रोज जो कमाई करते थे, उसी से खर्च चलता था। परिवार के पास कोई ऐसी जमापूंजी नहीं है, जिससे आगे जीवनयापन हो सके। माता-पिता या सास-ससुर भी नहीं है।
हालांकि जायदा ने कहा कि स्टॉल मालिक ने परिवार की फौरी मदद की है और बेटी के नाम कुछ रुपये फिक्स कराने की बात कही है। इसके अलावा किसी अधिकारी या नेता ने सुध नहीं ली है। पड़ोसी ही उनका ख्याल रख रहे हैं। जायदा ने कहा कि कैसे वो अपने परिवार का भरण पोषण करेगी।