नवाबगंज। गांव में विकास कार्यों की जांच के लिए टीम पहुंची तो यहां दो ग्राम प्रधान होने की बात सामने आई। मामला प्रकाश में आने के बाद एसडीएम नवाबगंज ने खंड विकास अधिकारी को पत्र भेज कर जांच के आदेश दे दिए हैं।
चार साल पहले भदपुरा ब्लाॅक के परशुरामपुर गांव में हुए चुनाव के समय रफीक अहमद और सगे भाई शफीक अहमद ने पर्चा दाखिल किया था। नामांकन पत्र के दाखिल होने के बाद शफीक अहमद ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन सरकारी अभिलेखों के आधार पर रफीक अहमद को प्रधान बना दिया गया, जबकि निर्वाचन आयोग की सूची के आधार पर शफीक अहमद का नाम दस्तावेज पर मिला।
कुछ समय पहले ग्रामीणों ने गांव के विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर डीएम से शिकायत की थी। इस मामले में डीएम ने भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार और राज्य निर्माण निगम अभियंता संजय कुमार को जांच सौंपी थी। जांच टीम के सामने रफीक अहमद सरकारी अभिलेख लेकर सामने पहुंचे तो उन्होंने ग्राम प्रधान को आने के निर्देश दिए। रफीक अहमद ने कहा कि वह ही प्रधान हैं। शफीक अहमद उसका भाई है, जो चुनाव ही नहीं लड़ा है। इस पर टीम ने रफीक अहमद के जीत का प्रमाण देखा तो वो सही निकला।
एसडीएम ने शुरू कराई जांच
एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि भदपुरा ब्लाॅक के ग्राम पंचायत परशुरामपुर गांव के प्रधान को लेकर शिकायत हुई है। इस मामले खंड विकास अधिकारी भदपुरा को जांच के आदेश देते हुए पत्र जारी किया है। प्रथम जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी राजू सिंह की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। इतना समय हो गया। ग्राम प्रधान का बैंक में खाता खुला होगा। भुगतान किया गया होगा। इसके बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। फिलहाल जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद