पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की थी रिपोर्ट
रिया नाम की युवती ने वाराणसी की 15 वर्षीय किशोरी को बरेली निवासी बबली खान के हाथों बेच दिया था। यहां सेटेलाइट चौराहे के पास लिटिल क्राउन होटल में किशोरी से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। 14 मार्च को पीड़िता किसी तरह यहां से बचकर भागी और पुलिस के पास पहुंची। इसके बाद पुलिस ने होटल में छापा मारकर तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक नेपाली युवती भी शामिल है। बारादरी थाने में सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी।
कई होटलों में चल रहा गंदा धंधा
शहर के सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास और पीलीभीत रोड के कई होटल अघोषित रूप से देह व्यापार रैकेट संचालकों के साझीदार बने हुए हैं। वाराणसी की किशोरी को बेचने और देह व्यापार के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ये सच्चाई सामने आई है। अब चिह्नित होटलों के मालिक व मैनेजर भाग गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
घंटों के हिसाब से दिया जाता है कमरा
अधिकारियों ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता लगा कि सेटेलाइट का होटल मूडी मून, लिटिल क्राउन, पीलीभीत बाइपास का ग्रीन एप्पल होटल व मामा-भांजा रेस्टोरेंट समेत कई अन्य होटल वालों से रैकेट संचालकों की मिलीभगत है। चिह्नित होटलों में गिरोह के लोग बेरोकटोक तरीके से आवागमन करते हैं। यहां घंटों के हिसाब से कमरा मिल जाता है। नाबालिगों के कागजात भी गंभीरता से चेक नहीं किए जाते हैं।
वाराणसी निवासी किशोरी को फर्जी आधार कार्ड से बालिग बनाकर पेश किया गया और होटल प्रबंधन ने जांच की जरूरत नहीं समझी। सीओ तृतीय ने बताया कि असली आधार कार्ड में पीड़िता की जन्मतिथि 2011 है, जबकि धंधेबाजों ने उसकी जन्मतिथि 2007 दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। होटल लिटिल क्राउन के संचालक भाग गए हैं। अन्य चिह्नित होटलों के संचालकों की भी तलाश की जा रही है।