26 जनवरी के आसपास मुरादाबाद में तैनात प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी रोहन झा खासी चर्चा में रहे थे। उनकी अजीबोगरीब हरकतों ने साथियों व अधीनस्थों को सकते में डाल दिया था। वह खुद को भगवान कल्कि का अवतार बताने लगे थे। वह कभी परेड ग्राउंड में गाड़ी दौड़ाते थे तो कभी चूहे की गर्दन काटकर उसे जीवित करने का दावा करते थे।
बरेली एसएसपी ने फुटेज देखे, अभी रोहन झा का बयान बाकी
अनुराग आर्य ने मुरादाबाद जाकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए जिनमें रोहन झा इस तरह की हरकतें करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एसएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट एडीजी रमित शर्मा की संस्तुति के बाद डीजीपी को भिजवा दी। बताया जा रहा है कि रोहन झा के अवकाश पर होने की वजह से उनका बयान अभी दर्ज नहीं हो सका है, इसलिए फिलहाल अनुराग आर्य ने अंतरिम जांच रिपोर्ट ही भेजी है। रोहन झा का बयान दर्ज कर इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। अंतरिम जांच में आरोपों की पुष्टि होने की वजह से डीजीपी ने रोहन झा को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
कौन हैं रोहन झा
रोहन झा 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से बिहार के निवासी बताए जाते हैं पर उनका घर फिलहाल दिल्ली में है। उनके पिता व परिवार के कई लोग आईएएस अधिकारी रहे हैं जो बिहार सरकार में उच्च पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अपने परिवार में रोहन झा पहले आईपीएस हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1992 को हुआ था। उन्होंने गणित से बीएससी तक की पढ़ाई की। इसके बाद ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में एमबीए किया। मुरादाबाद में उनकी तैनाती 2 सितंबर 2024 को हुई थी। पिछले दिनों उन्हें वरिष्ठ वेतनमान में प्रोन्नत किया गया। डीआईजी रेंज मुरादाबाद मुनिराज गोबू ने 10 जनवरी को रोहन झा व उनके बैच के तीन अधिकारियों के कंधे पर रैंक प्रतीक लगाया था।
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