बरेली। डेलापीर स्थित थोक मंडी परिसर में फल-सब्जी केमिकल से भरे कई ड्रम मिलने के एक सप्ताह बाद खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग जागा है। एफएसडीए टीम ने मंडी परिसर में छापा मारकर एक छोटे कंटेनर से केमिकल और तेजाब से धुली होने के शक में अदरक के तीन नमूने लिए। टीम ने हरी सब्जियों की ओर झांका तक नहीं।
पिछले शनिवार को दोपहर डेलापीर थोक फल-सब्जी मंडी परिसर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान केमिकल से भरे कई ड्रम मिले थे। केमिकल सब्जी-फल रंगने आदि के काम आता है। इसकी सूचना मंडी सचिव अनिल कुमार ने एफएसडीए विभाग को दी थी, लेकिन सैंपल भरने नहीं पहुंची। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो फटकार के बाद एफएसडीए की टीम मंडी दौड़ी और औपचारिकताएं पूरी कर तीन नमूने भरे। टीम ने केमिकल ड्रम हटने के बाद उसी स्थान पर छोटे कंटेनर में भरे केमिकल के नमूना लिया। इस केमिकल से पपीता का आचार बनाया जा रहा था। ताज एंड कंपनी से पपीता और केमिकल का नमूना लिया गया। टीम ने दो नमूने तेजाब से धुली होने के शक में अदरक के भी कयूम फारूक शकील की फर्म से लिए।
केमिकल ड्रम गायब होने के बाद हुई कार्रवाई
एफएसडीए विभाग लगातार मंडी में किसी भी केमिकल की मौजूदगी से इंकार कर अपनी सफाई देता रहा। मंडी से जब ड्रम पूरी तरह हट गए और फल-सब्जी रंगने के कामकाज बंद होने के बाद टीम वहां पहुंची। कारोबारियों ने बताया कि अदरक अभी तक परिसर में तेजाब से चमकाने का खेल हो रहा था। लेकिन मिलावट की खबरों की देखते हुए धंधेबाज अपने घरों और अन्य स्थानों पर अदरक चमकाकर मंडी ला रहे हैं।
रंगों से हरीभरी सब्जियां नहीं पकड़ी.. पब्लिक खुद परखे
एफएसडीए ने टीम ने डीएम नीतीश कुमार की नाराजगी को देखते हुए मंडी औपचारिक छापा कार्रवाई कर दी। लेकिन परिसर में मौजूद हरी सब्जियों की ओर देखा तक नहीं। भिंडी, मिर्च, शिमला मिर्च, परबल रंगाई और बैंगन पर स्प्रे आदि किया जाता है।
फोटो खींचने वाले से वर्दी वालेे भिडे़
एफएसडीए टीम जब अदरक चमकाने और केमिकल से पपीता आदि गलाने वाले पदार्थों के नमूने भर रही थी, उस दौरान कुछ लोगों ने इसकी वीडियो बनाना शुरू कर दी। इसका विरोध मंडी गेट पर तैनात एक वर्दी कर्मी ने किया और मोबाइल फोन छीन कर फोटो मिटा दिए। वर्दी वाले की इस हरकत से नोंकझोंक हो गई। वर्दी वाले कर्मी की नेम प्लेट नहीं थी, इससे उसकी पहचान नहीं हो पायी। मंडी सचिव ने वर्दी वाले कर्मी पर कार्रवाई करने को कहा है।
केमिकल से सब्जी-फल रंगने और तेजाब से अदरक चमकाने की शिकायतें रोकने के लिए मंडी से तीन नमूने भरे गए हैं। इसकी जांच लैब में कराने के बाद संबंधित कारोबारी पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। यह सब जन स्वास्थ्य के लिए घातक होती है।
- धर्मराज मिश्रा, जिला अभिहित अधिकारी
अनिता सिंह को एफएसडीए की कमान
तीन माह पहले अनीता भटनागर जैन की सेवा निवृति के बाद एफएसडीए प्रमुख सचिव पद खाली चल रहा था। मिलावटीखोरी के विरोध अभियान को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए शासन ने अब अनिता सिंह को आयुक्त/प्रमुख सचिव एफएसडीए प्रमुख सचिव बनाया है। आयुक्त पद पर तैनात एस. मिनिस्ती को अन्यत्र भेजा जाएगा। अनिता सिंह चर्चित आईएएस अफसरों में गिनी जाती हैं।