मोदी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत आलमपुर जाफराबाद के लोहिया समग्र गांव बीहट में बनने को आए 205 शौचालयों में सिर्फ 155 की ही नींव पड़ सकी है। इनमें भी काफी अधूरे हैं, बाकी 50 शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। जबकि इन्हें मार्च तक बनवा लिया जाना था। यह स्थिति तब है, जब ग्राम पंचायत को सारा पैसा दिया जा चुका है। अब जबकि मार्च महीना खत्म होने में महज तीन दिन ही बाकी हैं, लाभार्थियों को शौचालय का निर्माण मुश्किल नजर आ रहा है।
राजवीर, अमरपाल, गजेंद्र, छोटेलाल, रामविलास और ओमप्रकाश आदि लाभार्थी ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव से पूछ रहे हैं कि उनके शौचालय बनेंगे भी या नहीं। लाभार्थियों का कहना है कि उनको टहलाया जा रहा है। गांव में जिन लाभार्थियों के घरों में शौचालयों की नींव पड़ चुकी है, वह भी आनन-फानन में बनवाए जाने से ग्रामीण उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। तमाम लाभार्थियों को छोटी-छोटी दीवारें खड़ी कराकर शौचालय सौंप दिए जा रहे हैं। कई लाभार्थियों के शौचालयों की रंगाई-पुताई भी नहीं कराई गई है। प्रधान नरेश पाल कहते है कि सारे शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। लेबर न मिल पाने से कुछ देरी हो गई है। गांव में करतार सिंह, जौहरी सिंह, संजय, हेमेन्द्र, कृष्णपाल, धर्मेशपाल, राकेश और रघुवीर के घरों में शौचालय का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इसके चलते ये लाभार्थी निराशा हैं। ग्राम पंचायत सचिव महेन्द्र कहते हैं कि कई कारणों से देरी हुई लेकिन अब जल्दी से जल्दी सारे शौचालयों का निर्माण करा देंगे। वह कहते हैं कि शुरू से ही निर्माण काम में देरी हुई और बाद में चुनाव की वजह से काम नहीं हो सका। गांव में उनकी तैनाती हाल ही में हुई है।