छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने बदसलूकी और पिटाई का लगाया आरोप, तीन जेसीबी खड़ी कर हड़ताल पर गए निगम कर्मी, जिलाधिकारी ने सुनी शिकायत, बोले- जांच करवाकर समस्या का कराएंगे समाधान
बरेली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार दोपहर पहले नगर निगम और फिर कलक्ट्रेट में जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। नगर निगम के कर्मचारियों पर बदसलूकी और पिटाई का आरोप लगाया। इससे पहले नगर आयुक्त के कक्ष में दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। छात्र संगठन के कार्यकर्ता नगर आयुक्त का घेराव कर उनके वाहन पर चढ़ गए और नगर निगम का मेन गेट बंद कर दिया। इससे नगर आयुक्त को वाहन परिसर में छोड़कर धक्का-मुक्की के बीच आवास के लिए पैदल निकलना पड़ा। घटना के विरोध में नगर निगम के कर्मचारियों ने निगम के मुख्य गेट पर तीन जेसीबी खड़ी कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनकर निस्तारण कराने का भरोसा दिया।
एबीवीपी की विभाग संगठन मंत्री अवनी यादव व विभाग सह संयोजक श्रेयांश वाजपेयी ने बताया कि दोपहर 12 बजे वह लोग नगर निगम कार्यालय गए थे। छह नवंबर को जीआईसी ऑडिटोरियम में हुए अपने कार्यक्रम के दौरान आई दिक्कतों के बारे में बताने, उसके शुल्क की रसीद लेने और बरेली कॉलेज के आसपास लाइटिंग व सफाई कराने की मांग लेकर नगर आयुक्त से मिले। बातचीत के दौरान नगर आयुक्त ने अपने कर्मचारियों को इशारा कर कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज कराई। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर विहिप के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आए तो अभद्रता करते हुए कर्मचारियों और नगर आयुक्त के चालक सभी की पिटाई करने लगे। शिकायत करने पर भी नगर आयुक्त ने सुनवाई नहीं की।
इससे नाराज एबीवीपी और विहिप कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में डीएम से मिलने गए। कलक्ट्रेट का गेट बंद हो जाने से वहीं जमीन पर बैठकर सभी ने नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की। शोर सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट गेट पर आए और वरिष्ठ पदाधिकारियों को बुलाकर डीएम के पास ले गए। डीएम अविनाश सिंह ने उनकी बात सुनी और जांच करा कर समस्या के निस्तारण का भरोसा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं की समस्या सुनी गई है। उनका निस्तारण कराया जाएगा।
नगर निगम कर्मी ने कोतवाली में दी तहरीर
कर्मचारी नेता राजकुमार समदर्शी ने मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है। राजकुमार ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गुंडों की तरह नगर आयुक्त से अभद्रता की। कर्मचारियों को जातिसूचक शब्द कहे। गाली-गलौज और मारपीट कर उन्हें धमकाया। नगर आयुक्त के वाहन का रास्ता रोका और मुख्य गेट बंद कर दिया। पुलिस और प्रवर्तन दल के सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद नगर आयुक्त को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद वह पैदल ही अपने आवास गए।
कार्रवाई हो, नगर निगम प्रशासन मांगे माफी
एबीवीपी की अवनी यादव और श्रेयांश बाजपेई ने कहा कि वह केवल अपनी समस्याओं के बारे में अवगत कराने गए थे। नगर आयुक्त के इशारे पर निगम कर्मियों ने उनसे अभद्रता और मारपीट की। हमारे कार्यकर्ताओं को घेरकर पीटा। इससे कई कार्यकर्ता चोटिल भी हुए हैं। यदि मामले के दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई और नगर निगम प्रशासन ने माफी नहीं मांगी तो हम लोग सोमवार को फिर डीएम से मिलेंगे।
यह लोग अपने सम्मेलन के लिए मुफ्त में जीआईसी ऑडिटोरियम चाह रहे थे, जो संभव नहीं था। अतिक्रमण और गंदगी करने वालों पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है। इन्हीं वजहों से नाराज लोग कुछ लोगों को आगे करके लाए और अनावश्यक माहौल खराब किया। किसी के साथ गाली-गलौज या मारपीट नहीं की गई है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त