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Bareilly News: क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद धीमी, लक्ष्य पाना कठिन

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मीरगंज गेहूं क्रय केंद्र के फोटो
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मीरगंज/फरीदपुर/बहेड़ी। तहसील क्षेत्रों में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर धीमी गति से खरीद जारी है। यहां पहले की तुलना में कम किसान पहुंच रहे हैं। अगर, यही हाल रहा तो सरकारी लक्ष्य का पूरा होना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि बहेड़ी में अब कुछ तेजी देखी गई है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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मीरगंज के मंडी स्थल पर बनाए गए चार गेहूं क्रय केंद्रों पर अभी तक लक्ष्य से बहुत कम गेहूं खरीदा गया है, जबकि निजी मंडियों में किसान गेहूं विक्रय कर रहे हैं। मीरगंज मंडी स्थल पर विपणन विभाग के दो, यूपीएसएस के दो गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर अभी तक लक्ष्य से काफी कम गेहूं की खरीद हो सकी है। विपणन विभाग के प्रथम खरीद केंद्र पर 2800 क्विंटल, द्वितीय केंद्र से 3500 क्विंटल गेहूं खरीद हुई है, जबकि यूपीएसएस प्रथम पर 538 क्विंटल, द्वितीय पर कुल 407 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। चारों गेहूं क्रय केंद्रों पर कुल 7245 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जबकि प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्र का लक्ष्य सात हजार क्विंटल तय किया गया है।
विपणन विभाग के क्रय केंद्र प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया गांव-गांव जाकर किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन निजी मंडियों में 2500 से अधिक के दाम में लोग गेहूं खरीद रहे हैं। वहीं, यूपीएसएस गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी गोविंद प्रसाद ने बताया कि अगर सरकार किसानों को 50 रुपये क्विंटल के हिसाब से बोनस देती तो अधिकतर किसान सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर ही गेहूं की बिक्री करते। संवाद
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इन कारणों से भी नहीं आ रहे किसान
फरीदपुर। फरीदपुर में कुआंडांडा प्रभम और द्वितीय केंद्र में 12 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है, जो कि लक्ष्य से चार हजार क्विंटल पीछे है। एक अधिकारी ने अपनी नाम न छपने की शर्त पर बताया कि विभाग की तरफ से फीडबैक लिया गया तो पता चला कि कुछ किसान जिन्होंने बैंक से केसीसी ऋण ले रखा है। वह अपना गेहूं सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं बिक्री कर रहे हैं क्योंकि कहीं उनका गेहूं का रुपया बैंक कर्ज में न काट ले। सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं का रेट 2425 रुपये है, तो बाजार में व्यापारी 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद कर रहे हैं। व्यापारी गांव में घर-घर जाकर किसानों का थोड़ा सा गेहूं भी लेता है। वहीं, सरकारी गेहूं क्रय केंद्र वाले गांव से पूरी गाड़ी भर गेहूं मिलने की अपेक्षा करते हैं।
बहेड़ी में खरीद में तेजी, पिछले वर्ष की तुलना में पीछे
बहेड़ी। सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद ने अब तेजी पकड़ी है। इस बार गांव-गांव जाकर खरीद केंद्र प्रभारी किसान के गेहूं की खरीद कर रहे हैं। वहीं, गेहूं का भंडारण व संचरण करने वालों के खिलाफ भी प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। इस बार दो मई तक 40 हजार क्विंटल खरीद हो पाई है। पिछले वर्ष दो मई तक 50 हजार क्विंटल खरीद हुई थी। खरीद केंद्र प्रभारी सुबोध यादव ने बताया कि बारिश के चलते खरीद प्रक्रिया प्रभावित हुई। अब इसमें तेजी आएगी। संवाद
यहां भी धीमी तौल, महंगे दामों में खरीद रहे आढ़ती
नवाबगंज। तहसील में 20 गेहूं क्रय केंद्र हैं, लेकिन समर्थन मूल्य पर धीमी तौल जारी है। इसमें 17 गेहूं क्रय केंद्र बरेली-पीलीभीत हाईवे पर स्थित कृषि उप मंडी स्थल में संचालित हैं, जबकि एक कल्याणपुर हिकमतअली, एक जवेदा जवेदी व एक क्योलड़िया में है। किसान गेहूं की बिक्री के लिए इन केंद्रों पर न पहुंचकर आढ़तियों को बेच रहे हैं। उनका मानना है कि उन्हें तुरंत भुगतान मिल रहा है। समर्थन मूल्य से 100 रुपये अधिक भुगतान हो रहा है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अरंविद कुमार राठी ने बताया कि अभी तक सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर 35 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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