एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में खेलों की बदहाल स्थिति का प्रमाण वॉलीबाल और खो-खो की टीमों के अनफिट साबित होने के रूप में सामने आ चुका है। अब क्रास कंट्री रेस की बारी आई तो अधिकतर कॉलेजों ने टीमें ही नहीं भेजीं। इसका कारण प्रतिभागियों से फिटनेस का मेडिकल सर्टिफिकेट मांगा जाना बताया जा रहा है। दरअसल विश्व विद्यालय प्रशासन ने साफ कह दिया था कि केवल उन खिलाड़ियों को ही क्रास कंट्री रेस में शामिल किया जाएगा जो फिजिकली फिट होंगे और प्रमाण के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करेंगे। सोमवार को आयोजित होने वाली रेस के लिए रविवार शाम तक 12 कॉलेजों की 16 टीमों ने ही पंजीकरण कराया। विश्व विद्यालय प्रशासन को उम्मीद थी कि क्रास कंट्री रेस में कम से कम 50 टीमें तो आएंगी ही, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वॉलीबाल और खो-खो टीम के खिलाड़ियों की खराब फिटनेस के कारण उनको अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता के लिए नहीं भेजा गया था। अब क्रास कंट्री रेस के लिए भी गर्ल्स और ब्वॉयज की टीमें चुनी जानी हैं। फिजिकली फिट खिलाड़ी ही इसमें शामिल हों, इसके लिए कॉलेजों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था कि वही खिलाड़ी भेजे जाएं जिनके पास फिटनेस का मेडिकल सर्टिफिकेट हो। वैसे क्रास कंट्री रेस में 50 से ज्यादा कॉलेज हिस्सा लेते रहे हैं। इस बार मेडिकल सर्टिफिकेट की शर्त लगने से कॉलेज पीछे हट गए। 512 कॉलेजों में से सिर्फ 12 कॉलेजों ने ही 16 टीमें भेजी हैं। इनमें 11 टीमें ब्वॉयज और पांच टीमें गर्ल्स की है। अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता के लिए नौ ब्वॉयज और छह गर्ल्स खिलाड़ी चुनी जानी हैं।
वर्जन
उम्मीद थी कि ज्यादा टीमें आएंगी पर ऐसा नहीं हो पाया। कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता का भी असर रहा। अच्छा है कम से कम फिट खिलाड़ी ही आएंगे। इससे अंतर विश्वविद्यालयीय टीम अच्छी चुन पाएंगे।
- प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव
आज छह बजे से होगी क्रास कंट्री रेस
क्रास कंट्री रेस सोमवार सुबह छह बजे से होगी। ब्वॉयज के लिए 12.5 किमी और गर्ल्स के लिए 6.5 किमी की दौड़ रखी गई है। गर्ल्स की टीम पहले और ब्वॉयज की टीम पंद्रह मिनट बाद विवि के गेट नंबर तीन से दौड़ शुरू करेगी। बड़ा बाईपास से दो किमी आगे तक जाकर खिलाड़ियों को वापस आना होगा। दौड़ को लेकर सोमवार तक सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।